Pilibhit News: गोवा नहीं जा सकते, तो आइए अपने चूका बीच

चूका बीच में बनी वाटर हट । संवाद
पीलीभीत। जनपद पर्यटन के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान बना रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बढ़ता बाघों, तेंदुओं का कुनबा इसकी खास वजह है। हर साल हजारों लोग बाघ और यहां का प्राकृतिक नजारा देखने आते हैं। विदेशी पर्यटकों का रुझान भी पीटीआर की तरफ बढ़ा है। चूका बीच के साथ ही गोमती उद्गम स्थल को भी सैलानी काफी पसंद करते हैं। चूका बीच को तो मिनी गोवा कहा जाने लगा है।
पीटीआर का जंगल बाघों, तेंदुओं के साथ ही अनूठे प्राकृतिक सौंदर्य की वजह से पर्यटन के क्षेत्र में देश-विदेश में सुर्खियां बटोर रहा है। पीटीआर की महोफ रेंज के जंगल और शारदा डैम के किनारे स्थित चूका बीच का नजारा सैलानियों के लिए गोवा जैसा आनंद दिलाता है। यही कारण है कि यहां आने वाले पर्यटक इसे मिनी गोवा कहने लगे हैं।
पीलीभीत जिला मुख्यालय से 37 किलोमीटर दूर स्थित चूका बीच का मुख्य प्रवेश द्वार मुस्तफाबाद गेस्टहाउस से है। यहां सैलानी अपने वाहन खड़े करके जंगल के सफारी वाहन से घूमते हैं। चूका बीच आने वाले सैलानियों के लिए ठहरने की भी बेहतर व्यवस्था है। इसमें चूका बीच में बनी वाटर हट, ट्री हट और थारू हट बुक कर सकते हैं। ट्री हट पेड़ पर बनाई गई हैं। वाटर हट पानी के ऊपर बनी हैं।
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15 नवंबर से शुरू होगा पर्यटन सत्र
पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होगा। पर्यटन स्थल पर निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहता है। जंगल विभाग की ओर से 26 जंगल सफारी वाहनों की व्यवस्था की गई है। जंगल भ्रमण के लिए दिन में दो समय निर्धारित किए गए हैं। इसमें सुबह छह बजे से तीन घंटे का समय होता है। शाम को तीन बजे से छह बजे तक भ्रमण का समय है। जंगल में बाघों की दुनिया भी निराली है। जंगल में चहलकदमी करते बाघ सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं।
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गोमती उद्गम स्थल ने भी बनाईं पर्यटन के क्षेत्र में पहचान
चूका बीच से सात किलोमीटर की दूरी पर माधोटांडा गांव में स्थित गोमती नदी के उद्गम स्थल की खूबसूरती भी सैलानियों को काफी पसंद आती है। प्रशासन की दिलचस्पी से विकास कार्य कराए गए। बनारस की तर्ज पर आरती शुरू होने से ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ ही उद्गम स्थल की रौनक पर्यटन के लिहाज से भी बढ़ गई। सौंदर्यीकरण और शाम को बनारस की तर्ज पर होने वाली आरती भी सैलानियों को उद्गम स्थल की ओर खींचती है।
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साल दर साल बढ़ रहे सैलानी
वर्ष विदेशी भारतीय
2014-00-11135
2015- 10- 14172
2016- 13- 17566
2017- 15- 16360
2018- 16- 14887
2019- 23- 15885
2020- 13- 7122- कोरोना काल
2021- 02- 12379
2022- 07- 16287
2023- 65- 23579

चूका बीच में बनी वाटर हट । संवाद