पीलीभीत

Pilibhit News: ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर नहीं, प्लास्टर चढ़वा रहे मरीज

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No doctor in trauma center, patients getting plaster

खाली पड़ा ट्रामा सेंटर। संवाद

06 साल पहले बनाया गया था, स्टाफ की कमी से नहीं हो पाया शुरू

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। जिला अस्पताल में बिना डॉक्टर के चल रहे ट्राॅमा सेंटर में सिर्फ हडि्डयों से संबंधित मरीज देखे जा रहे हैं। अधिकतर मामलों में यहां प्लास्टर चढ़ाया जाता है और गंभीर हालत होने पर मरीज को रेफर कर दिया जाता है।

दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए लगभग छह साल पूर्व जिला चिकित्सालय में ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कराया गया था। लेकिन सेंटर सिर्फ तालों में ही कैद होकर रह गया। लंबे समय तक सेंटर पर ताले पड़े रहे। कुछ महीने पहले डीएम ने ट्राॅमा सेंटर को चलाने के लिए कहा तो इसके ताले खोले गए लेकिन ट्राॅमा सेंटर तब भी संचालित नहीं हो सका।

इस समय ट्राॅमा सेंटर में महज प्लास्टर चढ़ाने का काम किया जा रहा है। प्लास्टर चढ़ाने के बाद मरीजों को जिला अस्पताल में हड्डी विभाग में भेज दिया जाता है। गंभीर मरीजों को अब भी हायर सेंटर रेफर किया जाता है।

यहां बता दें कि ट्रॉमा सेंटर शुरू न होने के पीछे डाॅक्टरों की कमी रही। पूर्व में यहां सीएमओ ने एक-दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाकर इसे शुरू करने की बात कही, लेकिन कोई डाॅक्टर ट्राॅमा सेंटर ड्यूटी के लिए नहीं पहुंचा। ट्रॉमा सेंटर के लिए यहां अन्य स्टाफ भी नहीं है।

यह होना चाहिए स्टाफ

ट्राॅमा सेंटर में ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, ट्रांसपोर्टबल वेंटीलेटर, सीटी स्केन, ब्लड स्टोरेज यूनिट, पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन, सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन, पैथोलोजी, ईको कार्डियोग्राफी, ईसीजी, स्पाइन बोर्ड होना चाहिए। 24 घंटे सेवा देने के लिए ओटी स्टाफ व ट्रेंड नर्स होनीं चाहिए।


मेरा एक्सीडेंट हो गया था। पैर में राड पड़ी हुई है। पिछले तीन दिनों से अस्पताल में आ रहा हूं। आज ट्राॅमा सेंटर में भेज दिया गया, पता चला यहां तो महज प्लास्टर हो रहा है। हड्डी वाले डाॅक्टर बैठते हैं।

– सियाराम, आमडार

पैर में दर्द है, जिला अस्पताल में दिखाने गया तो ट्राॅमा सेंटर में भेज दिया। यहां पता चला कि प्लास्टर होते हैं। डाॅक्टर भी नहीं मिले।

– हेतराम, मरौरी


ट्रामा सेंटर में अभी फिलहाल अस्थि पीड़ित मरीज देखे जा रहे हैं। अब मेडिकल कॉलेज बन गया है तो जल्द ही इसे शुरू करा दिया जाएगा।

– आलोक शर्मा, सीएमओ

खाली पड़ा ट्रामा सेंटर। संवाद

खाली पड़ा ट्रामा सेंटर। संवाद

खाली पड़ा ट्रामा सेंटर। संवाद

खाली पड़ा ट्रामा सेंटर। संवाद


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