Pilibhit News: उत्तराखंड के ठेकेदार को दरोगा दे रहा था धमकी, बोला- बर्बाद हो जाओगे

दरोगा महेंन्द्र यादव । स्रोत – पुलिस
पीलीभीत। रिश्वत लेते पकड़े गए ठेकेदार ने एंटी करप्शन की टीम को बताया था कि अमरिया का दरोगा 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। कह रहा है कि रुपये नहीं दिए तो बर्बाद हो जाओगे। कारोबार भी नहीं कर पाओगे। इसके बाद सोमवार को एंटी करप्शन की टीम ने अमरिया थाने के दरोगा महेंद्र सिंह को पकड़ लिया। मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया।
उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा के ठेकेदार ने बताया कि अमरिया क्षेत्र के रहने वाले युवक पर रुपये आ रहे हैं। उसने चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। चेक बाउंस को लेकर न्यायालय में वाद चल रहा है। युवक ने अपनी पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म का एक मुकदमा अदालत के आदेश पर अमरिया थाने में लिखवा दिया।
दरोगा महेंद्र सिंह यादव इस मामले की जांच कर रहे थे। ठेकेदार का कहना है कि दरोगा मुकदमे में नाम निकालने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। कह रहा था रिश्वत नहीं दी तो बर्बाद हो जाओगे। कई बार समझाने के बाद भी दरोगा नहीं माना। तब उसने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली से की।
टीम ने आरोपी दरोगा को उसके कमरे से रंगेहाथ 20 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया। दरोगा के पास से 20 हजार की रिश्वत के अलावा करीब छह हजार रुपये भी बरामद हुए। सुनगढ़ी थाने में एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर प्रवीण साल्यान की तरफ से दरोगा महेंद्र यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दरोगा को मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
पकड़े जाने पर टीम से भिड़ गया था दरोगा
दरोगा को 20 हजार रुपये देने के लिए एंटी करप्शन की टीम ने नोटों में फिनोफ्थलीन पाउडर लगाया था। रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद जब एंटी करप्शन की टीम ने दरोगा के हाथों को पानी में डालकर धोने को कहा तो दरोगा ने मना कर दिया और टीम से भिड़ गया। अभद्रता शुरू कर दी। इस पर टीम के लोगों ने जबरन पकड़कर दरोगा के हाथ पानी में डाले। इसके बाद पानी का रंग हल्का गुलाबी हो गया। इसकी रिकॉर्डिंग भी की जा रही थी। दरोगा के दबंगई करने के कारण टीम उसे सुनगढ़ी थाने ले आई।
अमरिया थाने से दरोगा को बुलाकर दी पिस्टल व विवेचनाएं
एंटी करप्शन की टीम ने जब दरोगा महेंद्र यादव को पकड़ा तो उसके पास सरकारी पिस्टल व कारतूस भी थे। इसके अलावा विवेचनाओं से संबंधी कागजात थे। टीम ने अमरिया पुलिस को सूचना देकर वहां से एक दरोगा को सुनगढ़ी थाने बुलाया। यहां महेंद्र सिंह की पिस्टल व अन्य मुकदमों से संबंधित विवेचनाओं के कागज दरोगा को सौंप दिए।