Pilibhit News: प्रचार-प्रसार न होने से दम तोड़ रही अंतरजातीय विवाह योजना
पीलीभीत। शासन की ओर से अंतरजातीय विवाह करने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। विवाह के क्या मानक हैं और कौन इसके लिए पात्र है, इस बारे में जिले में कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। ऐसे में लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में महज एक आवेदन समाज कल्याण कार्यालय पहुंचा है। योजना के तहत करीब पांच लाख रुपये तक दिए जाते हैं। जोड़े में किसी का अनुसूचित जाति का होना अनिवार्य है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेेंशन सहित अन्य कई योजनाएं संचालित हो रही हैं। पेंशन को छोड़कर अन्य योजनाओं की लोगों को जानकारी ही नहीं हो सकी है। इसी में एक योजना अंतरजातीय विवाह की है। आंबेडकर फाउंडेशन के नाम से चलने वाली इस योजना का जिले में प्रचार प्रसार ही नहीं है। यही कारण है कि जिले में अभी महज एक ही आवेदन आया है।
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इस तरह योजना के लिए होता है आवेदन
दंपति को शादी के बाद अपना पंजीकरण विवाह पंजीकरण रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर अपनी शादी का पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद आंबेडकर फंड के तहत आवेदन फाॅर्म भरना होगा। इसमें पति-पत्नी का संयुक्त बैंक खाता होना और स्थानीय विधायक के हस्ताक्षर से सत्यापित आवेदन होने अनिवार्य हैं। इसके बाद ऑनलाइन किए गए आवेदन की एक प्रति समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी।
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योजना को लेकर प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। अभी एक आवेदन आया है। इसकी जांच पड़ताल कराई जा रही है। इसमें जोड़े में से एक का अनुसूचित जाति का होना जरूरी है। – विपिन वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी