Shahjahanpur News: पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या में पिता पुत्र समेत पांच काे उम्रकैद

मुकदमे के वादी प्रभुदत्त।
शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार शुक्ला ने हत्या के एक मुकदमे में पिता-पुत्र समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, गढि़यारंगीन थाना क्षेत्र के गांव जगतियापुर निवासी प्रभुदत्त पाली ने नौ सितंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रभुदत्त ने बताया कि नौ सितंबर की रात करीब 08:30 बजे उसका भाई हरदेव अपने घर की छत पर बैठा था। उसकी पत्नी खाना बना रही थी। तभी उसके गांव के सूरजपाल उर्फ पप्पू देसी बंदूक लेकर आया और नीचे खड़ा होकर भाई को गाली देने लगा। उसके भाई ने गाली देने से मना किया तो सूरजपाल, उसका भाई धर्मपाल, धर्मपाल का बेटा राजेश उर्फ भूरा, सुखपाल और धनेश उसके भाई की छत पर चढ़ गए। हमलावरों ने भाई को पकड़ लिया और धर्मपाल ने उसके भाई को गोली मार दी। हरदेव की मौके पर ही मौत हो गई।
हमलावर असलहों से फायरिंग करते हुए मौके से चले गए। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सूरजपाल, धर्मपाल, सुखपाल, धनेश और राजेश के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शशिमोहन सिंह के तर्क सुनने के बाद सभी पांचों आरोपी दोषी पाए। उन्हें आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया गया। धर्मपाल को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल का कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है।
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अदालत ने किया न्याय, पुलिस ने निभाई निष्पक्ष भूमिका
वादी प्रभुदत्त ने बताया कि उनके भाई हरदेव 1995 से 2005 तक ग्राम प्रधान रहे थे। हत्या करने वाले उनसे चुनावी रंजिश भी मानते थे। 2015 के प्रधानी के चुनाव में हरदेव के फिर से खड़े होने की आशंका के चलते वे लोग उसे रास्ते से हटाना चाहते थे। प्रभुदत्त ने बताया कि हत्याकांड के बाद पुलिस की भूमिका बहुत अच्छी रही थी। यही वजह है कि हत्यारों को नौ साल में ही सजा हो गई। अदालत ने इंसाफ किया है।

मुकदमे के वादी प्रभुदत्त।