पीलीभीत

Pilibhit News: 15 पंचायतों में भवन के लिए नहीं मिली जमीन, भटक रहे हैं ग्रामीण

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Land for building not available in 15 panchayats, villagers are wandering

ग्राम पंचायत सचिवालय । स्रोत – पंचायत विभाग

पीलीभीत। जिले की 720 ग्राम पंचायतों में से अभी तक 15 में पंचायत घरों के लिए जमीन नहीं मिली है। इसके कारण ग्राम पंचायत सचिवों को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के कार्यालय में बैठकर काम करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बीडीओ दफ्तर जाना पड़ता है, लेकिन सचिवों का हाल यह है कि वह कई-कई दिन बीडीओ कार्यालय भी नहीं आते।

शासन ने ग्राम पंचायताें में बने पंचायत घरों में बैठकर प्रधानों और सचिवों को काम करने के आदेश जारी किए हैं। कहा गया कि पंचायत घरों में ही जनसेवा केंद्र की सेवाएं दी जाएं। जहां पंचायत घर नहीं थे, वहां निर्माण कराने के लिए कहा गया था। जिले में 46 पंचायत घर जर्जर हाल में थे। इनकी मरम्मत कराई जा रही है। इसके अलावा 54 पंचायत घर नए बनाए जा रहे हैं। एक पंचायत घर के लिए आठ से नौ लाख रुपये तक का बजट जारी भी कर दिया गया है।

बजट जाने के बाद गांवों में पंचायत घरों का निर्माण शुरू कराया गया। जब निर्माण के लिए जमीन की तलाश की गई तो 15 ग्राम पंचायतों में भवन के लिए जमीन ही नहीं मिली। ऐसे में इन गांवों में अभी तक पंचायत घरों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्राम पंचायतों के काम बीडीओ कार्यालय में बैठकर निपटाए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान अपने घरों में ही ग्रामीणों के कार्य रोजगार सेवक और पंचायत सहायकों को बुलाकर करवा रहे हैं। हालांकि राजस्व विभाग से जमीन की मांग की गई है। इसके लिए एसडीएम को पत्र भी जारी किया गया है।

फैक्ट फाइल

ब्लॉक- सात

ग्राम पंचायतें- 720

जर्जर ग्राम पंचायत घर – 46

निर्माणाधीन पंचायत घर- 54

इन पंचायताें में नहीं मिली जमीन

पंचायतघर के निर्माण के लिए विभाग को अमरिया ब्लॉक के गांव भौना, हसनपुर, बरखेड़ा ब्लॉक के गांव अगरी, खिरकिया, मुसायपुर जय सिंह, शाहपुरा, मरौरी के गांव दियूनी केशरपुर, गौहर, पूरनपुर के ढका, गुलरिया खास, जमुनिया जगतपुर, किशनपुर हरीपुर, कुर्रैयाखुर्द और ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव सिमरिया ताराचंद, गौनुसरी में जमीन नहीं मिली है।

वर्जन

15 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर के लिए जमीन की तलाश कराई जा रही है। डीएम को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। वैकल्पिक तौर पर समितियों में एक-दो कमरे लेकर काम चलाया जा रहा है। – सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी


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