Pilibhit News: गोमती नदी से जुड़े 16 गांवों में बनेंगी औषधि वाटिका

गोमती उद्गम स्थल पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी व वाटर वूमेन शिप्रा पाठक। संवाद
हटाया जाएगा अतिक्रमण, उद्गम स्थल पर जनसंवाद कार्यक्रम में लिया गया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। गोमती नदी के उद्धार के लिए एक बार फिर प्रयास शुरू किए गए है। गोमती नदी से जुड़ी 16 ग्राम पंचायतों में औषधि वाटिका बनाने का निर्णय किया गया है। इसके अलावा नदी की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
गोमती नदी के उद्धार के लिए बुधवार को एसडीएम आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में उद्गम स्थल पर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बीडीओ अरुण कुमार सिंह के अलावा वाटर वुमन शिप्रा पाठक, ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि आशुतोष गुप्ता के साथ गोमती नदी से जुड़ीं ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।
इस दौरान गोमती नदी के उद्धार के लिए सभी की राय जानी गई। साथ ही नदी से जुड़ी 16 ग्राम पंचायतों में औषधि वाटिका स्थापित करने का निर्णय किया गया। अमरैय्या कला के प्रधान सत्यपाल शर्मा ने गांव में स्थित वाटिका से पौधे उपलब्ध करने की बात कही। एक वाटिका में 70 प्रकार के औषधीय पौधे उपलब्ध रहेंगे।
एसडीएम और बीडीओ ने कहा कि अगले सप्ताह से संबंधित प्रधान व लेखपाल के साथ गोमती नदी के प्रवाह क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इसके बाद कब्जा मुक्त कराने के प्रयासों पर अमल होगा। गोमती नदी के कार्यों में जुटे सुशील सीतापुरी की ओर से नदी से संबंधित पुस्तक उपलब्ध कराने की बात कही गई। गोमती भक्त निर्भय सिंह, योगेश्वर सिंह, प्रधान नईम अली, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि डाॅ. विवेक सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, आनंद गिरि आदि मौजूद रहे।
नदी की जमीन कब्जामुक्त हो : शिप्रा
वाटर वुमेन और गोमती नदी की 960 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी करने वाली शिप्रा पाठक ने कहा कि पैदल यात्रा के दौरान गोमती नदी की सीमा में अतिक्रमण देख सबसे अधिक पीड़ा हुुई। ऐसे में जरूरी है कि हरियाली को बढ़ावा मिलने से पूर्व नदी की जमीन कब्जामुक्त हो। जिससे नदी के उद्धार का संकल्प पूरा हो सके। उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम में कई अहम सुझाव दिए।