Pilibhit News: जिले में 56 से अधिक जिम, पंजीकरण एक का भी नहीं
पीलीभीत। लोग अपनी फिटनेस का ख्याल रखते हुए जिम जाते हैं। यही वजह है कि पिछले पांच सालों में जिमों की संख्या काफी बढ़ी है। वैसे तो जिम सेंटर खोलने के मानक हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि मानक तो दूर आज तक किसी ने अपना पंजीकरण तक नहीं कराया है।
जिले में 56 से अधिक जिम बिना पंजीकरण चल रहे हैं। इस ओर न तो विभागीय अफसर ध्यान दे रहे हैं और न ही संचालक। ऐसे में नियम-कानून का उल्लंघन हो रहा है, साथ ही राजस्व विभाग को भी लाखों रुपये की चपत लग रही है। जिमों में न तो कुशल ट्रेनर हैं और न ही सुरक्षा के बंदोबस्त हैं। संचालक मुनाफा कमाने के चलते नकली सप्लीमेंट खुलेआम बेचते हैं, जिसका खराब असर युवाओं पर पड़ता है। बावजूद इसके औषधि विभाग ने आजतक निरीक्षण करने की जरूरत नहीं समझी।
यहां बता दें कि जिम संचालन के कई मानक होते हैं। इसमें सबसे अहम खेल विभाग में जिम का पंजीकरण होना है। पंजीकरण के लिए 15 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। पंजीयन के बाद प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण के लिए 15 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है, लेकिन अब तक किसी ने पंजीकरण ही नहीं कराया है।
अनुमानित आंकड़ा
पीलीभीत 17, न्यूरिया तीन, बिलसंडा दो, बीसलपुर 18, अमरिया एक, पूरनपुर 10, मझोला दो, बरखेड़ा एक, कलीनगर एक, माधोटांंडा में एक जिम संचालित है। इनमें किसी का भी पंजीकरण नहीं है।
विभाग में एक भी जिम का पंजीकरण नहीं है। एक बार नोटिस जारी किया था, बावजूद इसके किसी ने पंजीकरण नहीं कराया। अब फिर से नोटिस जारी किए जाएंगे। अब जो जिम संचालक अपने सेंटर का पंजीकरण नहीं कराएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– राजकुमार, जिला क्रीड़ाधिकारी
सप्लीमेंटस को लेकर शिकायतें मिली हैं। अभियान के तहत सप्लीमेंट की जांच के लिए सैंपलिंग कराई जाएगी। अगर कहीं कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। – शशांक त्रिपाठी, सहायक आयुक्त खाद्य