Pilibhit News: अब नए साल में ही शुरू हो सकेगा धनाराघाट पर पुल

पैंटून पुल बनाने के लिए ले जाए जा रहे पैंटून ।
पीलीभीत/ पूरनपुर। शारदा नदी की दो धार पर पेंटून पुल बनने के बाद तीसरे पुल की भी तैयारी की जा रही है। पुल बनाने के लिए अभी धार तक पहुंचने के लिए रास्ता ही ठीक नहीं हो सका है। ऐसे में ट्रांस शारदा के लोगों को पुल से आवागमन के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांव में आवागमन के लिए हर साल शारदा नदी पर पेंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पेंटून पुल हटाने की तिथि 15 जून और बाढ़ समाप्त होने पर पुल से आवागमन शुरू करने की तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित है। सालों से पुल तय तारीख से पहले ही हटा लिया जाता है, वहीं तय तारीख पर पुल से आवागमन शुरू नहीं हो पाता।
इस बार भी तय समय पर शारदा नदी पर पुल नहीं बन सका। चार दिसंबर को नदी की एक धार पर पेंटून पुल, जबकि 13 दिसंबर को नदी की दूसरी धार पर पेंटून पुल बनकर तैयार हो गया। मगर तीसरी धार पर पुल बनने में अभी वक्त लगेगा। तीसरे पुल के निर्माण के लिए मुख्य धार पर मार्ग को समतल किया जाना है। इसके लिए अभी रेत में रास्ते को ही ठीक कराया जा रहा है। करीब सात दिन से संबंधित विभाग रास्ते को ठीक कराने में जुटा हुआ है। ऐसे में लग रहा है कि नए साल में ही लोगों को पुल से आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी।
लखीमपुर, शाहजहांपुर जिले की सीमा से होता है आवागमन
पेंटून पुल हटने पर तहसील क्षेत्र के शारदा पार के गांवों मेंं आवागमन के लिए शाहजहांपुर के कस्बा खुटार, लखीमपुर के मैलानी, पलिया, संपूर्णानगर होकर आवागमन करना पड़ता है। आवागमन में एक ओर से अपने वाहन से तीन घंटे से अधिक का समय लगता है।
शारदा पार हैं तहसील की 17 ग्राम पंचायतें
शारदा नदी के पार तहसील की मुरैनिया गांधीनगर, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, रामनगर, वमनपुर भागीरथ, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर और ग्राम पंचायत चंदिया हजारा का आधा हिस्सा पड़ता है। 17 ग्राम पंचायतों में एक लाख से अधिक आबादी है। पेंटून पुल न बनने से तहसील मुख्यालय आवागमन करने वालों में नाराजगी है।
तीसरा पुल बनाने के लिए सामान मुख्य धार पर भेजने के लिए रास्ते को समतल कराया जा रहा है। रेत अधिक होने के कारण दिक्कत आ रही है। जल्द ही रास्ता तैयार कर सामान भेजना शुरू कर दिया जाएगा।- अनूप कुमार, अवर अभियंता, लोनिवि