Pilibhit News: महिला अस्पताल में सिर्फ एक गायनी… वह भी पुरुष
पीलीभीत। जिला महिला अस्पताल इन दिनों डॉक्टर की कमी से जूझ रहा है। हाल यह है कि यहां सिर्फ एक गायनी नियुक्ति है, वह भी पुरुष। यह डॉक्टर स्टाफ नर्स की मदद से महिला रोगियों को देखते हैं। स्टाफ नर्स महिलाओं से उनकी बीमारी के बारे में पूछकर डॉक्टर को बताती है तब डॉक्टर दवा लिखते हैं। तमाम महिलाएं खुलकर डॉक्टर के सामने अपनी समस्या नहीं रख पाती हैं।
जिला महिला अस्पताल में 31 मार्च को सीएमएस डा. अनीता चौरसिया और 30 जून को डा. कमला मिश्रा के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद कोई भी महिला चिकित्सक नहीं बचा। अस्पताल में सिर्फ एक सीनियर डाक्टर राजेश हैं। इन पर ही महिला अस्पताल का चार्ज है। इनके अलावा एक जूनियर डॉक्टर है। वह भी पुरुष है।
अस्पताल में रोजाना करीब 200 से 250 मरीजों की ओपीडी होती है। महिला अस्पताल में जेआर (जूनियर रेजीडेंट) ही ओपीडी में आने वाले मरीजों को देख रहे हैं। इसके लिए कक्ष में स्टाफ नर्स को बैठा लिया जाता है। स्टाफ नर्स महिला से समस्या पूछती है। लेकिन सामने पुरुष डाक्टर होने के कारण महिलाएं खुलकर समस्या नहीं बता पाती।
सीजर का जिम्मा डाक्टर राजेश ने संभाल रखा है। इसके अलावा पिछले डेढ़ वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण यहां के अस्पताल में महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। वहीं नोडल अधिकारी कई बार शासन को नए चिकित्सकों की मांग भी कर चुके है। मगर यहां पर चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इससे वहां आने वाली गर्भवती महिलाओं और मरीजों को काफी दिक्कतें हो रही है।
कम से कम सात डॉक्टर चाहिए
महिला अस्पताल के डाक्टर राजेश बताते हैं कि कम से कम सात डॉक्टर यहां चाहिए। इसमें दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, एक पैथोलॉजिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक बाल रोग विशेषज्ञ व दो स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। इसको लेकर कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
वर्जन:
महिला डॉक्टर न होने से दिक्कतें आ रही है। इसको लेकर पत्राचार किया जा रहा है। हालांकि अभी किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। – डॉक्टर राजेश, प्रभारी महिला जिला अस्पताल।