Pilibhit News: कूड़ा निस्तारण प्लांट का अब तक सिर्फ ढांचा ही बन सका, मशीनों का अता-पता नहीं
पीलीभीत। शहर से रोजाना निकलने वाला 40 मीट्रिक टन कूड़ा हाईवे समेत अन्य सड़कों के किनारे डालकर शहर को स्वच्छ बनाने का दावा किया जा रहा है। कहने को तो शहर से 12 किलोमीटर दूरी पर कूड़ा निस्तारण प्लांट तैयार किया जा रहा लेकिन प्लांट का तीन साल में सिर्फ ढांचा ही तैयार हो सका है। मशीनों का अब तक अता-पता नहीं है। रास्ता कच्चा होने के कारण बारिश के दौरान वहां तक वाहन ले जाना भी मुश्किल है।
शहर से रोजाना 40 मीट्रिक टन कूड़ा उठता है। इसे शहर के बाहर गांव मीरापुर में डालने की बात कही जा रही है। यहीं पर नगर पालिका का 2020 से कूड़ा निस्तारण प्लांट का निर्माण करा रही है। एक साल पहले प्लांट के नाम पर यहां स्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया। इसके बाद से काम आगे नहीं बढ़ा है। मशीनों का कोई अता-पता नहीं है। खुद पालिका के अधिकारियों को नहीं पता कि मशीनें कब आएंगी।
नगर पालिका के अधिकारी यहां डंपिंग ग्राउंड होने का दावा कर रोजाना कूड़ा यहीं डालने की बात कह रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और है। शहर के चारों ओर बाहरी इलाके में सड़कों के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। पालिका का जहां डंपिंग ग्राउंड है, वहां जाने के लिए चार किलोमीटर का कच्चा रास्ता है। बारिश के दौरान कीचड़ होने के कारण वहां वाहन ही नहीं पहुंच पाते हैं।
इन जगहों पर फेंका जा रहा कूड़ा
रोडवेज बस स्टैंड के पास खाली जमीन पर, देवहा नदी किनारे, रेलवे लाइन किनारे, असम हाईवे किनारे और मंडी समिति किनारे कूड़ा डाला जा रहा है। शहर के बाहरी इलाकों में चारों तरफ सड़क किनारे कूड़ा देखा जा सकता है।
मशीनें आएं तब पता चलेगा, कैसे काम करेगा प्लांट
प्लांट में कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया क्या होगी, यह तक अभी किसी को पता नहीं है। अधिकारी भी कुछ नहीं बता पा रहे है। मात्र स्ट्रक्चर बन जाने से इसका अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता। नगर पालिका के लोगों का कहना है कि जब मशीनेंं आएंगी, तभी पता चलेगा कि प्लांट कैैसे काम करेगा। हद तो यह है कि शासन से मशीनें मंगवाने की बात कही जा रही है लेकिन किसी को यह तक नहीं पता कि कौन सी मशीन, किस प्रयोग के लिए मंगवाई जा रही है। जब कार्यदायी संस्था को प्लांट का ठेका दिया गया था तो वह मशीनें क्यों नहीं लगवा रही है।
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कार्यदायी संस्था से प्लांट के हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद वहां बिजली कनेक्शन के लिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शासन को मशीनों का प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही वहां पर काम शुरू करा दिया जाएगा। – डॉ. आस्था अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष