Pilibhit News: पैथाेलॉजी से सैंपल लेने के दिन नहीं मिलती मरीजों को रिपोर्ट

पैथोलॉजी के बाहर बैठे मरीज।
पीलीभीत। जिला अस्पताल की पैथाेलॉजी से सैंपल लेने के दिन ही जांच रिपोर्ट मिलना अब नामुमकिन हो गया है। इससे मरीजों को खासी दिक्कत हो रही है। उनका समय से इलाज भी शुरू नहीं हो पा रहा है। जिम्मेदार जांच में ज्यादा समय लगने की बात कह रहे हैं। हालांकि जांच के लिए सैंपल लेने की अवधि अब और बढ़ा दी गई है।
पैथोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रही जिला अस्पताल की लैब में प्रतिदिन करीब 200 सैंपल लिए जाते हैं। पिछले सप्ताह तक सैंपल लेने का समय सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक ही था, लेकिन मरीजों की संख्या को बढ़ी तो अस्पताल प्रशासन ने समय बढ़ाकर साढ़े बारह बजे कर दिया। ऐसे में अब साढ़े बारह बजे तक जांच के लिए ब्लड या यूरिन के सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन मरीजों को रिपोर्ट देने के लिए अगले दिन आने को कहा जाता है। ऐसे में मरीज मायूस होकर घर लौटने को मजबूर होते हैं।
अधिकतर मरीज जिले के सुदूर क्षेत्रों से आते हैं। आने-जाने में उनका किराया खर्च होता है। इसके अलावा भागदौड़ भी करनी होती है और समय पर जांच रिपोर्ट ना मिलने के कारण चिकित्सक ठीक ढंग से परामर्श नहीं दे पाते ना ही बेहतर दवाएं लिख सकते हैं। ऐसे में मरीज की सेहत पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
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बिना जांच रिपोर्ट डॉक्टर इलाज शुरू करने में जताते हैं असमर्थता
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मैने सुबह नौ बजे जांच के लिए सैंपल दिया था। अब दो बजने वाले हैं, लेकिन अभी पैथालॉजी में यह कहा जा रहा है कि रिपोर्ट कल मिलेगी। ऐसे में अब कल फिर आना होगा। अस्पताल आने-जाने में किराया भी लगता है। तबीयत ज्यादा खराब है। – वैभव पांडे, मधुपुरी
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मैंने साढ़े नौ बजे जांच के लिए सैंपल दिया था। पहले यहां का कर्मचारी बताता रहा कि डेढ़ बजे के बाद ये जांच रिपोर्ट मिलेगी। अब जब मैं दो बजे यहां पहुंचा तो बताया जा रहा है कि अगले दिन रिपोर्ट लेना। अभी मशीन में सैंपल लगाया गया है। – छत्रपाल, कंजानाथ पट्टी
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सैंपल दोपहर 12:30 तक ही लिए जाते हैं। इसके बाद मशीन में लगाए जाते हैं। कुछ जांचों में कम से कम तीन घंटे का समय लगता है। अस्पताल की ओपीडी दो बजे बंद हो जाती है। यदि दो बजे के बाद भी जांच रिपोर्ट मिल जाए तो मरीजों को डॉक्टर को दिखाने के लिए अगले दिन ही ओपीडी में आना होगा। इसलिए दूसरे दिन ही रिपोर्ट दी जाती है। – डॉ. संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य, स्वशासी मेडिकल कॉलेज

पैथोलॉजी के बाहर बैठे मरीज।

पैथोलॉजी के बाहर बैठे मरीज।