Pilibhit News: पेंशन बंद कर दी, 10 फीसदी कटौती की जानकारी नहीं दे रहे

हसमुदीन खां ।
पीलीभीत। पुरानी पेंशन की बहाली की कई संगठन लगातार मांग कर रहे हैं। हाल ही में इसे लेकर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इसमें पीलीभीत से भी बड़ी संख्या में कर्मचारी गए थे। कर्मियों का कहना है कि सरकार ने 2004 से पेंशन बंद कर दी है, लेकिन हर माह 10 प्रतिशत की कटौती वेतन से हो रही है। आखिर ये रकम क्यों काटी जा रही है और कहां जमा हो रही है, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।
वर्ष 2004 से पहले सरकारी सेवा में लगे सभी कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद शासन की ओर से वेतन का आधा हिस्सा पेंशन के तौर पर मिलता है। 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए लेागों को पेंशन का लाभ देने पर सरकार ने रोक लगा दी है, लेकिन इनके वेतन से हर माह दस प्रतिशत की कटौती की जा रही है। कटौती की यह रकम किस मद में जमा की जा रही है और कब मिलेगी, इसकी भी किसी को जानकारी नहीं है। पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के लिए तमाम सरकारी संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
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संगठन पदाधिकारी बोले- जारी रहेगा संघर्ष
पुरानी पेंशन व्यवस्था बुढ़ापे का सहारा होती है। पेंशन के अलावा डीए और अन्य भत्तों का भुगतान होता है। नई पेंशन नीति में ऐसा कुछ नहीं है। दस प्रतिशत की कटौती की जा रही है। यह किस लिए हो रही है, जानकारी ही नहीं है। इससे कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। – हशमुद्दीन खां, जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन
न्यू पेंशन स्कीम एनपीएस को लेकर लगातार विरोध जारी रहेगा। यहां से डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिसएशन की ओर से 50 लोग दिल्ली में हुए आंदोलन में शामिल हुए थे। वहां अपनी मांगों को रखा गया। जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सरकार को पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करना होगा। इसके लिए सभी संगठन एक मंच पर हैं। – कमलेश सिंह, अध्यक्ष डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन

हसमुदीन खां ।

