Pilibhit News: नेपाल सीमा से सटे गांव से पुलिस ने बरामद किए 11 देसी बम
पीलीभीत। वन्यजीवों के शिकार के मामले में वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अलर्ट के बीच माधोटांडा के सीमावर्ती गांव गभिया सहराई में पुलिस ने छापा मारकर एक ग्रामीण के पास से 11 देशी बम बरामद किए हैं। पुलिस बरामद हथगोलों के साथ आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। बरामद बमोंं का प्रयोग वन्यजीगों के शिकार में किया जाता है। जानकारी के बाद टाइगर रिजर्व की बराही रेंज की टीम भी अलर्ट हो गई है। हालांकि माधोटांडा पुलिस इन्हें पटाखा बता रही है।
माधोटांडा क्षेत्र का गांव गभिया सहराई नेपाल सीमा से सटा है। क्षेत्र में पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज का जंगल है। नेपाल और भारत दोनों ही के वन्यजीव खुली सीमा होने के चलते इधर से उधर विचरण करते रहते हैं। लिहाजा वन्यजीवों की सुरक्षा चुनौती बनी रहती है। पूर्व में कई बार शिकार से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। रविवार को रमनगरा पुलिस ने सूचना के बाद गभिया सहराई में एक घर में छापा मारा। घर में हाथ से बने करीब 11 घातक बम बरामद होने की चर्चा है। हालांकि पुलिस तीन-चार बम मिलने और उनके पटाखा होने की बात ही कह रही है। टीम बरामद बम के साथ व्यक्ति को पहले पुलिस चौकी लाईं। इसके बाद माधोटांडा थाने लेकर पहुंची।
कुछ ही देर में बम मिलने की क्षेत्र में चर्चा फैल गई। देर शाम तक आरोपी थाने में ही रहा, लेकिन कार्रवाई के बजाय पुलिस मामले को निपटाने में लगी रही। बम मिलने की सूचना टाइगर रिजर्व की क्षेत्रीय टीम को लगी। उन्होंने भी मामले को गंभीरता से लेकर टीम को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
00
आटे का लेप लगा होने से वन्यजीव इसे चबाते हैं तो होता है धमाका
हाथ से बने बम का वन्यजीवों के शिकार के लिए प्रयोग किया जाता है। इसको बनाने में घातक पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद बम के ऊपर आटे का लेप लगाया जाता है। जिसे वन्यजीवों की चहलकदमी वाले स्थान पर रखा जाता है। मुंह में लेते ही बम फटते ही वन्यजीव की मौत हो जाती है।
000
वर्जन
बम मिलने की जानकारी मिली है। आमतौर पर इन बमों से जंगली सुअरों को मारने की कोशिश की जाती है। मामले को गंभीरता से लिया गया है। अफसरों को भी अवगत कराया गया है। – अरुण मोहन श्रीवास्तव, रेंजर बराही
000
वर्जन
पकड़ा गया व्यक्ति शराब के नशे में परिजनों से मारपीट करता है। परिजन की सूचना पर पुलिस घर पहुंची थी। पटाखा बम बरामद हुए हैं। फिर परिजन छुड़वाने के लिए कहने लगे। अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। – अचल कुमार, एसओ माधोटांडा