Pilibhit News: प्रियंका और विमला जायसवाल ने दिलचस्प किया शहर का मुकाबला
पीलीभीत नगर पालिका चुनाव
पीलीभीत। नाम वापसी के बाद निकाय चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। पीलीभीत नगर पालिका सीट से प्रमुख दलों के साथ ही 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में शेष बचे हैं। ऐसे में यहां पर भाजपा की उम्मीदवार को दूसरे दल के साथ ही अपनी पार्टी के बागियों से भी निपटना होगा। निवर्तमान अध्यक्ष विमला जायसवाल के आखिरी समय में मैदान में आने से भाजपा के लिए जीत की राह आसान नहीं है। ऐसे में यहां का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है।
पीलीभीत नगर पालिका से इस बार काफी लोगों ने तैयारी की थी। इसमें जब पार्टियों ने टिकट दिया तो सपा और भाजपा में बगावत हो गई। बागियों ने पार्टी के खिलाफ ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन करा लिया। ऐसे में अचानक पूर्व पालिकाध्यक्ष विमला जायसवाल के आने से अन्य लोगों के सामने जीत की कड़ी चुनौती बन गई। ऐसे में अब भाजपा प्रत्याशी आस्था अग्रवाल को पिछले 15 साल से जीत रहे जायसवाल परिवार को हराना होगा। बागी प्रत्याशी प्रियंका कौशिक भी सामने हैं। इसके अलावा सपा के सामने भी अपनी पार्टी के बागी प्रत्याशी से निपटना चुनौती है। बसपा उम्मीदवार के होने से चुनाव काफी दिलचस्प होगा। संवाद
-भाजपा- डॉ. आस्था अग्रवाल
शैक्षिक योग्यता- एमबीबीएस
मजबूती- पढ़ी-लिखी महिला हैं, वैश्य वर्ग के साथ ही पार्टी का मजबूत वोट बैंक जीत का आधार बन सकता है।
कमजोरी- अपनी ही पार्टी के बागियों से निपटना इनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राजनीतिक अनुभव- सक्रिय कार्यकर्ता
प्राथमिकताएं – आस्था कहती हैं कि शहर में सबसे अहम समस्या कूड़ा निस्तारण और साफ सफाई की है। इसे दूर कराया जाएगा ताकि यहां के लोग स्वस्थ्य रह सकें।
सपा- नसरीन अंसारी
शैक्षिक योग्यता – हाईस्कूल
मजबूती- बिरादरी के वोट और समर्थन के साथ ही पार्टी का वोट बैंक इनकी मजबूूती का आधार है।
कमजोरी- अपनी ही पार्टी के बागी उम्मीदवार के अलावा पार्टी के भितरघात से निपटना चुनौती है।
राजनीतिक अनुभव- सक्रिय कार्यकर्ता
प्राथमिकताएं- नसरीन कहती हैं कि शहर की सड़क, बिजली और स्वच्छता प्रमुुख मुद्दा है। जीतने के बाद इन समस्याओं का निस्तारण करवाया जाएगा।
-कांग्रेस- कमरुल निशां
शैक्षिक योग्यता- हाईस्कूल
मजबूती- पार्टी के साथ ही उनकी बिरादरी का वोट। साथ ही समाज में बेहतर छवि है।
कमजोरी- शहर में पार्टी का जनाधार और पहली बार अध्यक्ष पद की दावेदारी।
राजनीतिक अनुभव- सक्रिय कार्यकर्ता
प्राथमिकताएं- इनका कहना है कि शहर में कूड़े का समय से उठान न होना और आवारा पशु प्रमुख समस्या हैं। जीतने के बाद प्रमुखता के साथ इसका निस्तारण कराया जाएगा।
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बसपा- उर्मिला गौतम
शैक्षिक योग्यता- साक्षर
मजबूती- पार्टी का अच्छा वोट होने के साथ ही जातिगत मत जीत का आधार है।
कमजोरी- पार्टी के पदाधिकारी का बदलना व आपसी भितरघात
राजनीतिक अनुभव- सक्रिय कार्यकर्ता
प्राथमिकताएं- इनका कहना है कि शहर में स्वच्छता, पेयजल की समस्या को दूर कराएंगी।
-निर्दलीय- विमला जायसवाल
शैक्षिक योग्यता- स्नातक
मजबूती-पूर्व कार्यकाल में कराए गए विकास कार्य और बेहतर व्यवहार, निष्पक्ष छवि
कमजोरी- पूर्व कार्यकाल में अधूरे पड़े कार्य से लोगों में अब भी नाराजगी है।
राजनीतिक अनुभव- सक्रिय कार्यकर्ता
प्राथमिकताएं- इनका कहना है कि दूषित पानी के निकास की समस्या है। इसे इस बार प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।00
-निर्दलीय- प्रियंका कौशिक
शैक्षिक योग्यता- एमकॉम
मजबूती- सर्व समाज का सहयोग और जनता का समर्थन।
कमजोरी- पार्टी से हटकर निर्दलीय चुनाव लड़ना।
राजनीतिक अनुभव- सक्रिय कार्यकर्ता
प्राथमिकताएं- इनका कहना है कि पानी, बिजली, टूटी सड़कें शहर की प्रमुख समस्या है । इसे पहले दूर किया जाएगा।



