Pilibhit News: दिल्ली में भर्ती प्रधान, पति कर रहे फर्जी भुगतान

डीएम से शिकायत करने जाते पूरनपुर के गांव शेरपुर के लोग । संवाद
पीलीभीत। पूरनपुर ब्लॉक के गांव शेरपुरकलां में फर्जी तरीके से सरकारी धन के फर्जी तरीके से भुगतान करने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सदस्यों ने डीएम से मिलकर शिकायत की और जांचकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि गांव की महिला प्रधान दिल्ली के अस्पताल मेें भर्ती हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में उनके पति और वीडीओ की ओर से फर्जी तरीके से भुगतान किया जा रहा है।
डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में ग्राम पंचायत सदस्यों ने कहा है कि ग्राम प्रधान अंजुम बेगम ब्रेन हेमरेज होने के कारण 25 मई से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान की गैरमौजूदगी में उनके पति और ग्राम पंचायत अधिकारी मिलकर लगातार फर्जी भुगतान कर रहे हैं। सदस्यों ने इसके साक्ष्य होने की बात भी कही है।
पत्र में कहा है कि एक जुलाई को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की गई थी और खातों पर रोक लगाने की मांग भी की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। आरोप है कि जांच अधिकारी उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। शिकायत करने वालों में जुनैद खान, हसमुद्दीन खान आदि शामिल हैं।
बीसलपुर के अहिरवाड़ा में भी प्रधान-सचिव पर बंदरबांट का आरोप
पीलीभीत। बीसलपुर क्षेत्र के गांव अहिरवाड़ा के पंचायत सदस्यों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। उन्होंने मामले में जांच करने और पैसे की रिकवरी कराने की मांग की है। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत सदस्यों ने पत्र में कहा है कि प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया है। ग्राम पंचायत में अभी तक कोई खुली बैठक नहीं बुलाई गई। स्ट्रीट लाइट और रीबोर के नाम पर खेल किया गया है। ओम प्रकाश के घर से जयवीर के घर तक और भूपराम के घर से नदी तक नाले बनवाया था, जिसका भुगतान दो बार किया गया। सदस्यों ने टाइल्स लगाने व शौचालय बनाने में भी धांधली का आरोप लगाया है। शिकायती पत्र में रामगोपाल, सीताराम, रेनू, सोनी, प्रीति, ओम कुमारी आदि के हस्ताक्षर हैं। संवाद
पूरनपुर ब्लाक के गांव शेरपुर कला और बीसलपुर के गांव अहिवारा में प्रधान व सचिव पर लगे घपलेबाजी के आरोपों को लेकर उन्हें जानकारी नहीं है। शिकायती पत्र आता है तो जांच कराई जाएगी। – वाचस्पति झा, जिला पंचायत राज अधिकारी



