पीलीभीत

Pilibhit News: बाघों की शरण स्थली बन रहीं सड़क किनारे की झाड़ियां

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Roads on the roadside are becoming a place of refuge for tigers

मार्ग किनारे उगी झाड़ियां में खड़ा बाघ। फाइल फोटो

कलीनगर। जंगल से बाहर आ रहे बाघों के खतरे का एक कारण मार्गों के दोनों ओर खड़ी झाड़ियां भी हैं। डगा के बाद पिपरिया संतोष गांव की सीमा में पहुंचा बाघ झाड़ियों में ही छिपा था। खतरे को भांपते हुए 15 दिन पूर्व एसडीएम कलीनगर ने संबंधित विभाग को पत्राचार किया था, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में किसी भी समय अनहोनी का डर बना हुआ है।

बरसात के दौरान अधिकांश मार्गों के किनारों पर झाड़ियां उग आती हैं, जिन्हें साफ कराने के लिए भारी भरकम बजट खर्च होता है। कलीनगर तहसील क्षेत्र में तीन माह पूर्व से जंगल से बाहर बाघों की मौजूदगी बनी हुई है। बाघ खेतों के अलावा मार्ग किनारे उगी झाड़ियों में भी शरण ले रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व डगा गांव के निकट पहुंची बाघिन तीन दिन तक झाड़ियों में ही देखी गई थी।

दो दिन से पिपरिया संतोष गांव के निकट भी बाघ झाड़ियों में आकर बैठ रहा है। बृहस्पतिवार को भी बाघ करीब छह घंटे तक हाईवे के किनारे झाड़ियों में बैठा रहा। बाघ ने कई राहगीरों पर झपट्टा भी मारा, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। मार्ग किनारे उगी झाड़ियां ग्रामीणों के साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बनी हुईं हैं।

खतरा भांपते हुए 15 दिन पूर्व एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने पीडब्ल्यूडी समेत संबंधित विभाग के अफसरों को पत्र लिखकर झाड़ियों को साफ कराने की बात कही थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी अफसरों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। क्षेत्र के रहने वाले वीरपाल, मिजाजुद्दीन का कहना है कि अधिकांश मार्गों पर झाड़ियां उगी हुईं हैं। जरूरत है कि जंगल के नजदीक करीब पांच किलोमीटर दायरे में उन्हें हटवा दिया जाए। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि इस समस्या को लेकर एक बार फिर अफसरों से बात की जाएगी।

अमरैयाकलां के समीप खेतों में बाघ होने का मचा शोर

पूरनपुर। नवदिया मकसूदपुर और गांव अमरैयाकलां के समीप बाघ की चहलकदमी से आसपास के लोग दहशत में हैं। वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम को नवदिया मकसूदपुर के समीप बाघ के पगचिह्न मिले, लेकिन अमरैयाकला के समीप बाघ के पगचिह्न टीम को नहीं मिले।

बृहस्पतिवार शाम को गांव नवदिया मकसूदपुर के समीप खेतों में बाघ घूमते दिखा था। शुक्रवार को गांव अमरैयाकलां के समीप खेतों में बाघ दिखा। बाघ देखकर लोगों ने शोर मचाया। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ लग गई। सूचना वन विभाग के अफसरों को दी गई। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि गांव नवदिया मकसूदपुर के समीप खेतों में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। इस पर टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। आसपास के लोगों को बाघ की चहलकदमी की जानकारी देकर सतर्क रहने की अपील की गई।

झाड़ियों में मृत मवेशी का मांस खा रहा बाघ

कलीनगर। पिपरिया संतोष गांव की सीमा में माधोटांडा-खटीमा मार्ग के निकट शुक्रवार को भी बाघ की मौजूदगी दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ झाड़ियों में पड़े मृत मवेशी का मांस खा रहा था। जानकारी के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। सामाजिक वानिकी की क्षेत्रीय टीम भी मौके पर पहुंची। इसके बाद बाघ झाड़ियों में जाकर छिप गया। वन दरोगा राम बहादुर ने बताया कि टीम बाघ की निगरानी कर रही है। संवाद

मार्ग किनारे उगी झाड़ियां में खड़ा बाघ। फाइल फोटो

मार्ग किनारे उगी झाड़ियां में खड़ा बाघ। फाइल फोटो


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