Pilibhit News: रोडवेज बसें हैं नहीं, डग्गामार वाहन करते हैं मनमानी

माघौंटांडा पीलीभीत मार्ग पर सवारियो से भरी मैजिक । संवाद
कलीनगर। माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग की बदहाल यातायात व्यवस्था बरसात में और बिगड़ गई है। रोडवेज बसों का संचालन न होने से यात्री परेशान हैं। डग्गामार वाहन संचालकों की मनमानी भी बढ़ गई है। जनप्रतिनिधियों के रोडवेज बस सेवा शुरू कराने के प्रयास मात्र आश्वासन तक ही सीमित हैं।
माधोटांडा-पीलीभीत रोड जिले के महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। नेपाल सीमा तक जाने के साथ ही यह मार्ग पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थित चूका पर्यटन स्थल से भी जुड़ता है। माधोटांडा, कलीनगर, जमुनिया समेत 30 गांवों के लोग इसी मार्ग से जिला मुख्यालय आते-जाते हैं, लेकिन 30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर रोडवेज बस सेवा आज तक शुरू नहीं हो सकी है।
डग्गामार वाहनों के सहारे जान जोखिम में डालकर सफर करना इस क्षेत्र के लोगों की मजबूरी है। भूसे की तरह सवारियां भरने और मनमाना किराया वसूलने के बाद भी यात्रियों को डग्गामार वाहन संचालक परेशान करते हैं। बरसात में यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। वाहन संचालक बारिश होते ही सवारियोंं की संख्या कम देखकर वाहन ले जाने से मना कर देते हैं।
ऐसे में कई घंटे इंतजार करने के बाद यात्रियों को मार्ग से गुजरने वाले ट्रक या अन्य वाहनों को रोककर किसी तरह सफर करना पड़ता है। इस मार्ग पर करीब 40 डग्गामार वाहन चलते हैं। आम दिनों में पीलीभीत से माधोटांडा तक 40 रुपये के हिसाब से किराया वसूला जाता है, लेकिन सवारियां कम होने पर किराया बढ़ा दिया जाता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है रोडवेज बस सेवा शुरू होने पर ही इन दिक्कतों से छुटकारा मिल सकता है, लेकिन जनप्रतिनिधि इसके लिए गंभीर नहीं हैं।
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चुनावी मुद्दा बनाकर पैरवी करना भूल गए
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर रोडवेज बस सेवा का मुद्दा चुनाव में खूब गर्माता है। उम्मीदवार अपनी प्राथमिकताओं में इसे सबसे ऊपर रखते हैं, लेकिन निर्वाचित होने के बाद भूल जाते हैं। हाल ही में कलीनगर नगर पंचायत के चुनाव में भी खूब बयानबाजी हुई, लेकिन लोगों को रोडवेज बस सेवा नसीब नहीं हो सकी।
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लोग बोले- दिक्कतों की अनदेखी कर रहे जिम्मेदार
बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ ही तमाम जरूरतों के लिए मुख्यालय जाना पड़ता है। आवागमन की उचित व्यवस्था न होने से दिक्कत होती है। वर्षों से मांग करने के बावजूद रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है। डग्गामार वाहनों में सफर करना मजबूरी है। – सिद्धार्थ सिंह, माधोटांडा
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माधोटांडा, कलीनगर बड़े कस्बे हैं। रोजाना युवाओं के साथ ही तमाम पुरुष-महिलाएं पीलीभीत जाती हैं। रोडवेज बस सेवा न होने से मनमाना किराया देने के बाद भी डग्गामार वाहनों में सफर के दौरान दुश्वारियां झेलनी पड़ती है। – शहबाज खां, माधोटांडा

माघौंटांडा पीलीभीत मार्ग पर सवारियो से भरी मैजिक । संवाद

माघौंटांडा पीलीभीत मार्ग पर सवारियो से भरी मैजिक । संवाद



