Pilibhit News: आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर पत्नी और प्रेमी को सात-सात साल कैद
न्यायालय ने 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। युवक को प्रताड़ित कर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / त्वरित न्यायालय विजय कुमार सिंह ने पत्नी व प्रेमी को दोषी पाते हुए सात- सात वर्ष की सजा से दंडित किया है। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मुकदमा 2014 से चल रहा था।
कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार मोहल्ला आसफजान के जितेंद्र कुमार उर्फ बड़े की शादी बरेली के चकनवादा की कीर्ति के साथ हुई थी। उसके एक पुत्री व एक पुत्र है। कीर्ति का व्यवहार शुरू से अच्छा नही रहा और वह जितेंद्र को प्रताड़ित कर परेशान करती थी। मारपीट कर जितेंद्र को झूठे मुकदमे मे फंसाने की धमकी देती थी।
थाना दियोरिया के बिहारीपुर हीरा के मिथुन ने जितेंद्र की दुकान किराये पर ले रखी थी। इस कारण इसकी दोस्ती कीर्ति से हो गई। 22 जुलाई 2014 को मिथुन व कीर्ति ने आठ दस लोगों को बुलाकर घर में उत्पात किया। तब जितेंद्र ने पुलिस अधीक्षक को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। 23 जुलाई को जितेंद्र कीर्ति को मायके छोड़ आया।
30 जुलाई को ससुर ने मोबाइल से जितेंद्र को सूचित किया कि कीर्ति घर से गायब है। जिसकी गुमशुदगी कोतवाली मे दर्ज कराई गई। इसके कुछ दिन बाद कीर्ति व मिथुन जितेंद्र के घर के सामने आकर पति-पत्नी की तरह रहने लगे। आए दिन जितेंद्र को परेशान करने लगे। इस कारण जितेंद्र ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने विवेचना में कीर्ति व मिथुन को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय मे दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह न्यायालय में पेश किए। वही आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद कीर्ति व मिथुन को दोषी पाते हुए दंडित किया।