Pilibhit News: अब तक छह में पांच निर्दलीय प्रत्याशियों के सिर पर सजा अध्यक्ष का ताज
– 1989 में चुना गया था नगर का पहला अध्यक्ष
– 2018 में बसपा के टिकट पर जीते थे ताहिर खां
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। 37 साल पुरानी नगर पंचायत में अब तक छह अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। चुनाव के दौरान भाजपा, सपा, बसपा आदि पार्टी के टिकट से भी उम्मीदवार मैदान में उतरे, लेकिन मतदाताओं ने नगर की सत्ता पर निर्दलियों को अधिक काबिज किया। छह बार में पांच प्रत्याशी निर्दलीय रहे। वर्ष 2018 में ताहिर खां बसपा से टिकट लेकर अध्यक्ष का चुनाव जीतने में सफल रहे थे।
17 हजार आबादी वाली नगर पंचायत में मतदाताओं की संख्या 9200 है। 1986 में नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद 1989 में नगर का पहला अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद से अब तक छह अध्यक्ष चुने जा चुके हैं, लेकिन नगर की जनता ने पांच बार निर्दलियों के सिर पर ताजपोशी कर उन्हें अध्यक्ष बनाया।
पूर्व में बसपा से टिकट पर सिर्फ एक प्रत्याशी को कामयाबी मिली। इस बार नगर पंचायत कलीनगर में अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि सपा और बसपा ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। बसपा के जिला अध्यक्ष रहते हुए भी देव स्वरूप आर्य ने पत्नी को पार्टी का टिकट दिलवाने के बजाए निर्दलीय ही मैदान में उतारा। फिलहाल मतदान का समय नजदीक आते ही चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। पार्टी उम्मीदवारों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी जबरदस्त टक्कर देते नजर आ रहे हैं।
निर्णायक भूमिका में मुस्लिम मतदाता
नगर में अध्यक्ष पद के लिए अनुसूचित जाति महिला सीट हुई। ऐसे में मुस्लिम निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवार मैदान उतरे, लेकिन लड़ाई चतुष्कोणीय बनी हुई है। नगर में मुस्लिम मतदाताओं पर उम्मीदवारों का अधिक रुझान है। 92 सौ मतदाताओं में 37 सौ मुस्लिम मतदाता हैं। ऐसे में प्रत्याशी मुस्लिमों को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं।