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Pilibhit News: छात्र-छात्राओं ने थाने जाकर पुलिस की कार्यप्रणाली जानी

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Flaws found in women's helpdesk register during inspection

बीसलपुर कोतवाली में भ्रमण के दौरान विघा​र्थियो को जानकारी देते कोतवाल अशोक पाल । संवाद

बीसलपुर। जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने सोमवार को कोतवाली का भ्रमण किया। प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल ने उन्हें पुलिस से संंबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां दीं।

अमर उजाला फाउंडेशन के थाना भ्रमण कार्यक्रम के तहत जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने बीसलपुर थाने जाकर वहां पुलिस कर्मियों के कामकाज करने का तरीका जाना। प्रभारी निरीक्षक ने विद्यार्थियों को अपना कक्ष, उपनिरीक्षक कक्ष, प्रहरी कक्ष, शिकायत पटल, सभागार, विवेचना कक्ष, प्रथम सूचना रिपोर्ट कक्ष, हवालात, सीसीटीएन कक्ष, महिला हेल्पलाइन, सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष, आगंतुक कक्ष, शस्त्रागार, वाहन परिसर, भंडार कक्ष, आवास, भोजनालय, मालग्रह, डाक कक्ष, अभिलेखागार, बैरक आदि दिखलाए।

विद्यार्थियों को पटल पर तैनात कर्मचारियों के कार्यों के बारे में बताया। विद्यार्थियों को खास तौर पर बताया गया कि एक बाइक पर तीन लोग यात्रा न करें। जब कभी भी बाइक या दो पहिया वाहन चलाएं तो हेलमेट अवशय लगाएं। इसके अलावा विद्यार्थियों को कानून के बारे में जानकारियां दी गईं। विद्यार्थियों के साथ प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार सक्सेना और एनसीसी आफिसर मोहम्मद अफजल मौजूद रहे।

प्रभारी निरीक्षक ने दिए विद्यार्थियों के सवालों के जवाब

राखी वर्मा ने पूछा- पुलिस में नौकरी प्राप्त करने के लिए क्या अहर्ताएं होती हैं। इस पर प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कम से कम स्नातक पास होना चाहिए। समय-समय पर सरकार रिक्तियां निकालती है। शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद चयन होता है।

छात्र रमित ने पूछा- गोपनीय सूचनाएं देने वालों के नाम गोपनीय रखे जाते हैं या नहीं। इस पर बताया कि सूचना देने वालों का नाम पुलिस की तरफ से कभी भी सार्वजनिक नहीं किए जाते।

छात्र विवेक ने पूछा- मोहल्ले में शांति भंग करने वालों को दंंड दिलवाने के लिए क्या करना पड़ता है। इस पर बताया कि कभी भी गली-मोहल्ले में झगड़ा होने पर डायल 112 नंबर मिला दें। तत्काल पुलिस आकर घटना का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी।

छात्र शिवांश ने पूछा- निर्दोष लोगों से अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों की शिकायत कहां की जाती है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि थाने में, सीओ के यहां या फिर एसपी या किसी भी उच्चाधिकारी के समक्ष जाकर इसकी शिकायत की जा सकती है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ऐसे पुलिसकर्मियों पर विभाग कार्रवाई करता है।


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