Pilibhit News: पढ़ाई है या मजाक…छात्र 1400, शिक्षक सिर्फ एक

गभिया सहराई इंटर कालेज। संवाद
गभिया सहराई में 34 साल पहले बने जीआईसी में व्यवस्था बेपटरी
राज्यपाल के सामने गुहार के बाद भी कॉलेज में नहीं हैं शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। कलीनगर के सीमावर्ती गांव गभिया सहराई में राजकीय इंटर कॉलेज है। इसमें 1400 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सिर्फ एक शिक्षक तैनात है। अभिभावकों ने अपने खर्चे से मामूली मानदेय देकर चार शिक्षक नियुक्त कराए हैं। इनके सहारे ही जैसे-तैसे पढ़ाई हो पा रही है। पूर्व में सीमावर्ती क्षेत्र के दौरे पर आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भी अभिभावकों ने पत्र सौंपा था लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे गभिया सहराई गांव में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 1989 में क्षेत्रीय नौनिहालों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राजकीय हाईस्कूल को मंजूरी दी थी। इसके बाद मुलायम सिंह की सरकार में विद्यालय को राजकीय इंटर कॉलेज का दर्जा दे दिया गया। विद्यालय के स्टाफ की बात करें तो एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता, 12 सहायक अध्यापक, एक वरिष्ठ सहायक, एक कनिष्ठ लिपिक और छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद सृजित हैं, लेकिन लंबे समय से स्थिति यह है कि इंटर कॉलेज में प्रधानाध्यापक के अलावा सिर्फ एक शिक्षक ही तैनात है।
एकमात्र शिक्षक पर शिक्षण कार्य के अलावा कागजी काम का भी जिम्मा रहता है। करीब आठ साल पूर्व शिक्षकों की कमी के चलते अभिभावकों ने मांगों से थक हार कर चंदे से निजी शिक्षकों से पढ़ाई करवानी शुरू कर दी। लंबा समय बीतने के बाद भी यहां स्थायी शिक्षकों की तैनाती न होने से निजी शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं।
पूर्व में सीमावर्ती क्षेत्र के दौरे पर आए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भी अभिभावक संघ से जुड़े सदस्यों ने संपर्क किया था मौखिक रूप से अवगत कराने के साथ लिखित पत्र भी दिया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल को पत्र देने के बाद शिक्षकों की कमी दूर होगी लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों को अवगत कराया गया। दौरे पर आईं राज्यपाल से भी पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया था। अभी कोई सुधार नहीं हुआ है।
– शंकर राय
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एक मात्र राजकीय इंटर कॉलेज ही बच्चों के लिए शिक्षा का सहारा है, लेकिन शिक्षकों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। इसको लेकर कई बार पत्र भेजकर मांग भी की गई है।
– प्रशांत साना
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गभिया सहराई इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी का मामला संज्ञान में है। विभागीय मुख्यालय से पत्राचार भी किए गए। जल्दी ही स्थिति में सुधार होगा।
– गिरिजेश कुमार चौधरी, डीआईओएस

गभिया सहराई इंटर कालेज। संवाद

गभिया सहराई इंटर कालेज। संवाद