Pilibhit News: जिस कार को खरीदना था वही बन गई काल, दो परिवारों में मचा कोहराम
पीलीभीत। न्यूरिया में बीसलपुर ब्रांच नहर में कार गिरने की सूचना जैसे ही तीनों दोस्तों के घरों पर पहुंची तो चीख पुकार मच गई। तीनों परिवार के साथ ही कस्बे के सैकड़ों लोग नहर किनारे पहुंच गए। रात करीब नौ बजे नहर से मुस्तफा की भी लाश मिल गई। नातिक और मुस्तफा के शव पहुंचते ही उनके घरों में कोहराम मच गया।
घटना शाम करीब सात बजे की है। नातिक, सज्जाद और मुस्तफा कार से नहर पटरी की तरफ जा रहे थे। मुस्तफा ने आई-10 कार का सौदा किया था, असलिए वह कार का ट्रायल लेने के लिए नातिक और सज्जाद को साथ लेकर निकले थे। कार मुस्तफा ही चला रहे थे। बरसात होने के कारण सड़क पर काफी फिसलन थी। कई जगह गड्ढे भी थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान चालक संतुलन खो बैठा और कार सड़क से फिसलकर नहर में जा गिरी। कार पूरी तरह पानी में डूब गई।
आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह नातिक और सज्जाद को बाहर निकाला, लेकिन तब तक नातिक की मौत हो चुकी थी। सज्जाद का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस मुस्तफा की तलाश करवा रही थी। रात करीब नौ बजे नहर से मुस्तफा का शव भी बरामद हो गया। दोनों के शव पहुंचते ही उनके घरों में कोहराम मच गया। मां मुमताज इकलौते बेटे नातिक का शव देखकर बेसुध हो गई।
परिवार वालों ने बताया कि नातिक कस्बे की गैस एजेंसी में काम करते थे। बीते माह ही उनकी मंगनी हुई है। पांच-छह महीने बाद शादी होनी थी। नातिक से छोटी उनकी दो बहनें हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। मुस्तफा के एक भाई और हैं। मुस्तफा पिछले महीने ही सिंगापुर से लौटे थे। वहां वह किसी फैक्टरी में काम करते थे। अब वह आस्ट्रेलिया जाने की तैयारी कर रहे थे।
कार का ट्रायल लेने के लिए निकले थे तीनों दोस्त
पुलिस ने जब कार नहर से निकलवाई और उसके बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि कार तीनों दोस्तों में से किसी की नहीं है। छानबीन में पता चला कि मुस्तफा कार खरीदना चाहते थे। शाम को वह दोनों दोस्तों के साथ कार का ट्रायल लेने के लिए गए थे। इसी दौरान हादसा हो गया।
बारिश में कार चलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
एआरटीओ कार्यालय के आरआई हरिओम सैनी बताते हैं कि बरसात में ड्राइविंग के दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर बारिश हो रही हो तो गाड़ी की गति सीमित रखें। शीशों पर बाइपर का लगातार इस्तेमाल करते रहें। कार के शीशे खोल लें, ताकि विंडस्क्रीन पर वाष्प न जम सके। वाष्प जमने से शीशे से बाहर साफ नहीं दिख पाता है। चलने से पहले ब्रेक जरूर चेक कर लें। बरसात में ब्रेक कभीृकभार चिपकने लगते हैं। एकदम ब्रेक नहीं लगाने चाहिए।