Pilibhit News: कई प्रदेशों में बाढ़ से हुई तबाही ने और बढ़ा दिए सब्जियों के दाम

मंडियों में भेजने के लिए वाहन में भरी गई सब्जियां। संवाद
कलीनगर। कई प्रदेशों में बाढ़ से सब्जी की फसल बर्बाद होने से सब्जियों के भाव ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र में सब्जियों की सबसे अधिक पैदावार होती है। एक माह से रोजाना करीब सौ छोटे-बड़े वाहनों से यहां से सब्जियां बाहर की मंडियों में भेजी जा रही हैं।
कलीनगर क्षेत्र में करीब 50 गांवों में सब्जी की खेती होती है। किसान गेहूं की फसल काटने के बाद टमाटर, भिंडी, परवल, तोरई, शिमला मिर्च, करेला, हरी मिर्च, घुईया, लौकी आदि सब्जी की पैदावार शुरू कर देते हैं। सब्जी की फसल जून के अंतिम सप्ताह तक तैयार हो जाती है। किसान सब्जियां ठेकेदारों को बिक्री करते हैं। ठेकेदार ट्रकों से सब्जियों को पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, आगरा और कानपुर की मंडी में भेजते है।
इन दिनों रोजाना करीब सौ छोटे-बड़े वाहनों से सब्जी बाहर की मंडी भेजी जा रही है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि इस बार दो माह के सावन होने से सब्जियों की मांग बढ़ गई है। सब्जियों की महंगाई ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सबसे अधिक महंगाई टमाटर और हरी मिर्च पर है। इसके अलावा परवल, घुईया, करेला, भिंडी, तोरई, शिमला मिर्च आदि सब्जियांं भी महंगी हैं।
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पैदावार से लेकर ब्रिकी करने वालों तक की मौज
सब्जी पर महंगाई बढ़ते ही ठेकेदारों की संख्या भी बढ़ गई है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार सब्जी का व्यापार करने वालों में 50 फीसदी का इजाफा हो गया है। किसानों से लेकर सब्जी खरीदने वाले ठेकेदारों तक की मौज है।
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तीस क्विंटल पर तीन हजार का मुनाफा
बाहर मंडियों में सब्जी भेजने के लिए सर्वाधिक पिकअप वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें करीब 30 क्विंटल सब्जी आती है। इसमें आढ़ती को दूरी की हिसाब से भाड़ा खर्च, लेबर खर्च निकालकर करीब तीन हजार का मुनाफा हो रहा है। किसानों को भी खेत पर ही सब्जी के बेहतर रेट मिल रहे हैं।
सब्जी के भाव (रुपये प्रति किलो)
सब्जी 2022 2023
लौकी 10 40
तोरई 15 40
परवल 20 70
टमाटर 40 125
भिंडी 20 40
कद्दू 15 25
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इस बार सब्जी की पैदावार बढ़ने के साथ दाम भी बेहतर मिल रहे हैं। जनपद से सर्वाधिक सब्जी लखनऊ, कानपुर, सोनीपत की मंडियों में भेजी जा रही है। आढ़तियों को भी अच्छा मुनाफा हो रहा है। – अहमद वली, सब्जी व्यापारी
सब्जी के दाम अधिक होने के बावजूद मंडियों में अच्छी मांग है। रोजाना कलीनगर क्षेत्र से छोटे-बड़े सौ वाहनों से मंडियों में सब्जियां लेकर जा रहे हैं। किसान और आढ़ती दोनों को मुनाफा हो रहा हैं। – शेरू, सब्जी आढ़ती

मंडियों में भेजने के लिए वाहन में भरी गई सब्जियां। संवाद

मंडियों में भेजने के लिए वाहन में भरी गई सब्जियां। संवाद