पीलीभीत

Pilibhit News: रघुनाथ की तलाश में 12 घंटे भटकते रहे परिजन पर जिले से नहीं पहुंचा कोई अफसर

Connect News 24

कलीनगर। मछली पकड़े गए रघुनाथ बुधवार शाम से गायब थे। खोजबीन के बावजूद कोई पता न चलने पर परिजन रात भर परेशान रहे। सुबह होने पर फिर ग्रामीणों के साथ खोजबीन शुरू की, तब रघुनाथ को बाघ के निवाला बना लेने के प्रमाण मिले। शव न मिलने से ग्रामीणों में रोष भी देखा गया। 12 घंटे बाद गन्ने के खेत से अधखाया शव बरामद हुआ, लेकिन वन विभाग का जिला स्तरीय कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर ग्रामीणों में गुस्सा देखा गया।

रायपुर के ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की अक्सर इस क्षेत्र में मौजूदगी देखी जाती है। नहर के अलावा खेतों में बाघ की चहलकदमी की जानकारी वन विभाग को रहती है, लेकिन विभाग सिर्फ सतर्क रहने की चेतावनी जारी कर खामोश होकर बैठ जाता है। दो दिन पहले से बाघ की आबादी क्षेत्र में मौजूदगी देखी जा रही थी। जानकारी के बाद भी विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

बुधवार को नहर से मछली पकड़ने पहुंचे रघुनाथ को बाघ खींचकर गन्ने के खेत में ले गया और कमर से नीचे का हिस्सा खा गया। घटना के बाद भी विभाग का रवैया ठीक नहीं दिखा। 12 घंटे तक गायब रहने के बाद भी जिला का कोई भी अफसर मौके पर नहीं आया। सामाजिक वानिकी से लेकर टाइगर रिजर्व तक के अफसर नदारद रहे।

पहले ग्रामीण खुद खोजबीन करते रहे। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला। जिसके बाद गन्ने के खेत से शव को बरामद किया गया। वन विभाग की ओर से सिर्फ माला रेंजर रोबिन सिंह टीम के साथ मौजूद रहे। अफसरों की कार्यप्रणाली से परिजन और ग्रामीणों ने रोष देखा गया। मौके पर मौजूद एसओ के समझाने के बाद परिजन शांत हुए। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

वर्जन

मछली पकड़ते समय हमले की बात सामने आई। बाघ की निगरानी के लिए कैमरे लगाने के अलावा टीमों को सक्रिय किया गया है। – नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर पीटीआर


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