Pilibhit News: पिंजरा लगते ही गायब हो गया बाघ, नहीं मिल रही लोकेशन
पूरनपुर। हरदोई ब्रांच नहर पटरी पर 13 मील के समीप शुक्रवार को चहलकदमी करते देखा गया बाघ अब कहीं और निकल गया है। नहर पटरी के पास लगे पिंजरे के समीप बाघ नहीं पहुंचा। आसपास भी उसकी लोकेशन वनकर्मियों को नहीं मिली। हालांकि नहर की पूर्वी पटरी से पैदल और दोपहिया वाहनों का आवागमन रविवार को भी बंद रहा।
सबसे पहले दो जून को गांव मनहरिया के समीप बाघ देखा गया था। तब शोर-शराबा कर लोगों ने ट्रैक्टरों से बाघ को घेर लिया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम की किसानों से नोकझोंक हुई थी। बाद में बाघ मनहरिया के समीप खन्नौत नदी की झाडिय़ों में चला गया था। खन्नौत नदी की झाडिय़ों में बाघ कई दिन तक डेरा जमाए रहा। बाघ को पकडऩे को खन्नौत नदी की झाड़ी में पिंजरा लगाया गया था, लेकिन इसके बाद बाघ की चहलकदमी बंद हो गई थी।
वन विभाग के अफसरों ने बाघ के जंगल में लौट जाने की आशंका व्यक्त कर कुछ दिन बाद पिंजरा हटा लिया था। शुक्रवार शाम को बाघ फिर हरदोई ब्रांच नहर के 13 मील पत्थर के समीप पहुंचा। लोगों ने शोर-शराबा किया। तब बाघ नहर की झाडिय़ों में चला गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों से शोर-शराबा कर रहे लोगों की नोकझोंक हुई। नोकझोंक करने वालों का कहना था कि क्षेत्र में एक महीने से बाघ चहल कदमी कर रहा है। दशहत के चलते खेतों में जाने पर डर लग रहा है। इसके बाद भी बाघ को पकडऩे या जंगल में खदेडऩे की कोशिश नहीं हो रही है।
बाघ शुक्रवार रात को फिर नहर पटरी पर आकर बैठ गया था। बाघ की चहल कदमी को लेकर नहर की पूर्वी पटरी से शुक्रवार रात को दो पहिया वाहनों और पैदल आवागमन बंद कर दिया गया। जो रविवार को भी बंद रहा। बाघ को पकडऩे को फिर पिंजरा लगाया गया, लेकिन शुक्रवार रात के बाद बाघ की लोकेशन निगरानी में लगे वनकर्मियों को नहीं मिली। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि बाघ की रविवार को भी कोई लोकेशन नहीं मिल सकी। बाघ की निगरानी में टीम लगी हुई है। बाघ को पकडऩे को पिंजरा भी लगाया गया है।