Pilibhit News: छुट्टा पशुओं को संरक्षण में लेने वालों को मिला तीन माह का भत्ता

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पीलीभीत। सहभागिता योजना के तहत गोआश्रय स्थलों से पशुओं को लेकर घर पर पालने वाले करीब 17 सौ ग्रामीणों को छह माह से भरण पोषण भत्ता नहीं मिल रहा था। अब पशु पालन विभाग की ओर से तीन माह के भत्ते के रूप में करीब 72 लाख रुपये उनके खातों में भेज दिए गए हैं। शेष तीन माह का भत्ता भी जल्द भेजने की तैयारी चल रही है।
कलीनगर के गोआश्रय स्थल के पशुओं के लिए चारे का बजट समय से न मांगने का मामला खुलने के बाद फजीहत होने पर वहां तो धनराशि भेज दी गई थी, लेकिन सहभागिता योजना के तहत छुट्टा पशु पालने वालों को भरण पोषण का भत्ता नहीं दिया जा रहा था। करीब 17 सौ ग्रामीणों को चारा आदि का भत्ता छह माह से न मिलने का 20 सितंबर को अमर उजाला ने मुद्दा उठाया तो सीडीओ ने पशु पालन विभाग के स्टाफ को ही तलब कर लिया था। उन्होंने जल्द ही भत्ता भेजने के निर्देश दिए थे।
साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भी समय से हर माह बजट जारी करने के लिए कहा था। सीडीओ की नाराजगी के बाद पशुपालन विभाग ने महज तीन माह यानी अप्रैल से जून तक का 72 लाख रुपया ग्रामीणों के खातों में भेज दिया है। शेष के लिए कार्रवाई की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जुलाई से सितंबर तक का बकाया भत्ता अक्तूबर के पहले सप्ताह में भेज दिया जाएगा। छुट्टा पशु घर ले जाकर पालने पर ग्रामीणों को 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से 900 रुपये महीने दिए जाते हैं।
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अभी तीन माह का 72 लाख रुपये 17 सौ ग्रामीणों के खातों में भेजा गया है। शेष तीन माह का भेजने की तैयारी चल रही है। – डाॅ. अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी