Pilibhit News: पर्यटन कार्यालय तो खुल गया पर न स्टाफ है और न संसाधन

विकास भवन में इस कमरें को पर्यटन कार्यालय के लिए आरक्षित किया गया। संवाद
पीलीभीत। पर्यटन कार्यालय के लिए विकास भवन में एक कक्ष आवंटित कर दिया गया है, लेकिन यहां न स्टाफ है और न संसाधन। इसके बावजूद दावा जिले में पर्यटन के विकास का किया जा रहा है। पर्यटन के नाम पर जिले में पीलीभीत टाइगर रिजर्व और चूका बीच की नाम लिया जाता है, जबकि यहां कई और भी स्थान व ऐतिहासिक इमारतें हैं, जिन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
जिला मुख्यालय पर जब क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय कार्यालय खोलने के आदेश हुए तो विकास भवन में कक्ष संख्या 18 आवंटित कर दिया गया। इसकी सूचना भी पर्यटन कार्यालय बरेली भेज दी गई। कार्यालय में फर्नीचर आदि की व्यवस्था भी कर दी गई, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी कार्यालय अस्तित्व में नहीं आ सका है। आवंटित कक्ष में फिलहाल कोविड कंट्रोल रूम चल रहा है।
पीलीभीत में चूका बीच, टाइगर रिजर्व, गोमती उद्गम स्थल सहित कई पर्यटक स्थल हैं। इसके अलावा भी यहां कई अन्य स्थानों पर पर्यटन की अपार संभावनाएं है। इस पर काम करने के लिए पर्यटन विभाग को शासन की ओर से दिशा निर्देश भी दिए। चूंकि पहले जिले में पर्यटन विभाग का कार्यालय नहीं था, लिहाजा दिक्कतें आती थीं। अब कार्यालय खुलने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। छह माह बीत जाने के बाद भी कार्यालय में कामकाज शुरू नहीं हो सका है। यहां का काम अब भी बरेली से ही हो रहा है। पर्यटन विभाग के नाम आने वाली डाक भी बरेली भेजी जा रही है।
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पर्यटन कार्यालय में चल रहा कोविड कंट्रोल रूम
पर्यटन कार्यालय के लिए आवंटित कक्ष में इस समय कोविड कंट्रोल रूम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की यहां रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई जा रही है। इससे लग रहा है कि अफसरोें के आदेश को महज कागजों में ही पूरा कर दिया गया है।
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शासन के आदेश पर विकास भवन में पर्यटन कार्यालय के लिए कक्ष संख्या 18 आवंटित किया गया है। कुछ सामान भी आ गया है, लेकिन अभी स्टाफ नहीं आ सका है। – आशीष शुक्ला, प्रशासनिक अधिकारी विकास भवन