पीलीभीत

Pilibhit News: परिवहन निगम को नहीं दिख रही सवारियां, डग्गामार देर रात तक भर रहे फर्राटा

Connect News 24

Transport Corporation is not seeing passengers, Duggamar is filling

बीसलपुर मार्ग पर डग्गामार वाहन के पीछे बैठकर सफर करता यात्री। संवाद

– पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग : सिर्फ नौ बसों का संचालन, रात को एक भी नहीं

– रोडवेज के अधिकारी देते हैं कम यात्री होने का हवाला

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। बीसलपुर मार्ग पर काफी संख्या में सवारियां होने के बावजूद परिवहन निगम यहां पर्याप्त बसें नहीं चला रहा, शाम को तो एक भी बस नहीं चलाई जाती। राजस्व का रोना रोते हुए सवारियां न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। जबकि डग्गामार वाहन चालक यहां दिन भर सवारियां ढोते हैं। सवाल यह है कि अगर सवारियां नहीं हैं तो डग्गामार वाहनों को सवारियां कहां से मिल जाती हैं।

बीसलपुर बड़ी तहसील होने के बाद भी यहां के लोगों को रोडवेज बसों की पूरी तरह सेवा नहीं मिल पा रही है, जबकि यहां से रोजाना जिला मुख्यालय आने वाले लोगों की संख्या हजारों में रहती है, जिन्हें देर शाम घर को वापस भी होना पड़ता है। शाम के समय न तो ट्रेन का कोई संचालन होता है और न ही बस का, जबकि डग्गामार वाहन चालक रात तक सवारियां ढोते रहते हैं।

मौजूदा समय में पूर्णागिरि का मेला चल रहा है। जिससे शाहजहांपुर को जाने वाले यात्री भी इस मार्ग से ही अपने घरों को जाते हैं। वाहन न मिलने पर उन्हें यहां से चलने वाले डग्गामार वाहनों को अधिक पैसे देकर अपने गंतव्य को पहुंचना पड़ता है।

बीसलपुर रूट पर महज नौ बसें

पीलीभीत डिपो से बीसलपुर रूट पर नौ बसों का संचालन किया जाता है। इसमें दो दिल्ली रूट की बसें भी शामिल हैं। इन बसों से रोजाना लगभग सवा लाख रुपये कमाई होती है। इनमें दिल्ली रूट की दो बसों की कमाई करीब 20-20 हजार रुपये प्रतिदिन है। जबकि शेष सात बसे जो पीलीभीत से बीसलपुर चल रहीं है उनकी रोजाना की कमाई करीब 10 से 11 हजार रुपये प्रतिदिन है। जबकि इस मार्ग पर 50 से 60 डग्गामार वाहनों का संचालन होता है। जो देर रात तक चलते हैं।

चल रहे 50 से 60 डग्गामार वाहन

बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग पर लगभग 50 से 60 डग्गामार वाहन प्रतिदिन चलते हैं। डग्गामार वाहन चालक रोडवेज की तरह किराया भी वसूलते हैं। बीसलपुर तक प्रत्येक सवारी से 50 रुपये किराया लिया जाता है। जबकि रोडवेज की बस का किराया 51 रुपये है। डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियां भी ढोते हैं जिससे दिक्कत होती है।

जिला मुख्यालय का रोजाना आना होता है। इस मार्ग पर बसों की संख्या काफी कम है। जिसका डग्गामार वाहन फायदा उठा रहे है।

– हेमंत मिश्रा, अधिवक्ता, बीसलपुर।

रोडवेज की बसें कम हैं, ऐसे में घंटों इंतजार करना पड़ता है। इंतजार करने के बाद जब थक जाते हैं तो डग्गामार का सहारा लेते हैं।

– मोनू सैनी, बीसलपुर।

वर्जन

बीसलपुर मार्ग पर यात्री कम होने की वजह से बसों को राजस्व सही नहीं मिल पाता है। इस कारण इस मार्ग पर बसों को कम भेजा जाता है।

– विजय कुमार, एआरएम।

बीसलपुर मार्ग पर डग्गामार वाहन के पीछे बैठकर सफर करता यात्री। संवाद

बीसलपुर मार्ग पर डग्गामार वाहन के पीछे बैठकर सफर करता यात्री। संवाद

बीसलपुर मार्ग पर डग्गामार वाहन के पीछे बैठकर सफर करता यात्री। संवाद

बीसलपुर मार्ग पर डग्गामार वाहन के पीछे बैठकर सफर करता यात्री। संवाद


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