Pilibhit News: नवोदय में प्रवेश के लिए बच्चों का एक्स-रे अनिवार्य
पीलीभीत। नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। इसमें एक्स-रे की भी वाध्यता है। डॉक्टर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक्स-रे को घातक बता रहे हैं। रोजाना जिला अस्पताल में बच्चे एक्स-रे कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
बीसलपुर ब्लॉक के शिवपुरी नवदिया स्थित नवोदय विद्यालय के प्राचार्य बीके सिंह ने तीन दिन पूर्व हॉस्टल में प्रवेश संबंधी सूचना जारी की थी। इससे पहले सीएमओ डॉ. आलोक कुमार को पत्र भेकर प्रवेश लेने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा था। जिला अस्पताल के डॉक्टरों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में ब्लड, ईसीजी, एक्स-रे भी शामिल है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का एक्स-रे करना उनकी सेहत के लिहाज के अच्छा नहीं हैं। एक्स-रे से निकलने वाली किरणें उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकतीं हैं। बड़ों को भी बेहद अनिवार्य होने पर ही एक्स-रे की सलाह दी जाती है। इस बाबत नवोदय विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि मुख्यालय स्तर से जो निर्देश मिले हैं, उसी के तहत स्वास्थ्य संबंधी जांचेंं कराई जा रही हैं।
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जितना हो सके, एक्स-रे से रहें दूर
बच्चों का एक्स-रे कराया जाना ठीक नहीं है, क्योंकि इसका दुष्प्रभाव सेहत पर पड़ता है। एक्स-रे की किरणें कैंसर को भी जन्म दे सकतीं हैं। प्रतिदिन एक दो बच्चे यहां एक्स-रे कराने के लिए लाए जा रहे हैं। कई बार तो लोग नेताओं की सिफारिश तक एक्स-रे कराने के लिए कराते हैं, लेकिन एक्स-रे से बच्चों को बचाना चाहिए। – डाॅ. संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
आरबीएसके की टीम विद्यालय जाती है। यदि टीम के सदस्यों को लगता है कि बच्चे का एक्स-रे होना आवश्यक है, तभी उसका एक्स-रे कराया जाता है। यदि आवश्यक नहीं है तो बच्चे का एक्स-रे नहीं कराया जाता है। एक्स-रे की किरणें कैंसर जनित होती हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत से लापरवाही ठीक नहीं है। जब डॉक्टर कहें तभी एक्स-रे कराएं । – डॉ. आलोक कुमार सीएमओ
एक या दो बार एक्सरे कराने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन यदि 10-20 बार पहले भी एक्सरे हो चुका है तो एक्सरे कराने से बचना जरुरी है। क्योंकि बच्चों के लिए ये बेहद घातक हो सकता है। इसका अभिभावकों व विद्यालय के जिम्मेदारों को भी ख्याल रखना चाहिए। कुछ बच्चे तो स्वयं अभिभावक लेकर पहुंच रहे हैं। ऐसा न करें। – डॉ वीके वर्मा, रेडियोलॉजिस्ट