शीशगढ़ बवाल: साजिश समझने में नाकाम रहे पुलिस और प्रशासन के अफसर, एलआईयू भी फेल; चार एफआईआर, 30 आरोपी गिरफ्तार

मौके पर जमा पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली के शीशगढ़ कस्बे में हुए बवाल की पटकथा पहले ही लिख ली गई थी। जुमे की नमाज के बाद जुटी भीड़ को खुराफातियों ने बरगलाकर व्यापारी के किशोर बेटे को सबक सिखाने की रणनीति बनाई। सोशल मीडिया पर भी दोनों ओर से बेहिसाब टिप्पणी की जा रही थी। इस साजिश की भनक पुलिस और प्रशासन को नहीं लग सकी।
सोशल मीडिया के जरिये ही लोगों से 10 बजे बरेली बस अड्डे पर इकट्ठा होने के लिए कहा गया। रात आठ बजे वहां भीड़ जुट गई। इसके बाद भी पुलिस को भनक नहीं लगी। नौ बजे जब थाने के बाहर हंगामा शुरू हुआ तो इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों और दूसरे थानों को सूचना दी। भीड़ नारेबाजी करती हुए थाने से आरोपी के घर तक पहुंच गई और पुलिस उनको रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
आरोपी किशोर के घर के बाहर भी जमकर हंगामा हुआ। पुलिस सक्रिय हुई तो बेखौफ उपद्रवी पुलिस पर ही हमलावर हो गए। इसमें उपनिरीक्षक राहुल शर्मा, कांस्टेबल प्रीत सिवाल, विक्की, कपिल कुमार घायल हो गए।
करीब 25 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। वीडियो के आधार पर इनमें से 12 के चेहरे पहचान लिए हैं। हंगामा कर माहौल बिगाड़ने वालों को ही जेल भेजा जाएगा। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। कस्बे में अब शांति कायम है। – राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात



