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पीपीएफ खाताधारकों को मिल सकता है खुशखबरी, सरकार ब्याज दर बढ़ाने का फैसला ले सकता है!

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सार्वजनिक भविष्य निधि ब्याज दर: केंद्र सरकार कई तरह की बचत योजना चलाती है। किसी में से एक योजना का नाम पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) है। इस छोटे से बचत योजना के व्यायम में लंबे समय से सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। जून 2023 के अंत तक सरकार इस तरह के व्याकुलता में बदलाव कर सकती है। ध्यान देने वाली बात ये है कि इस बचत योजना का लाभ की सरकार हर तीन महीने पर समीक्षा करती है। ऐसे में इस महीने के अंत तक इसमें बदलाव संभव है।

अप्रैल 2020 से कोई बदलाव नहीं किया गया

अटैचमेंट है कि केंद्र सरकार ने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड निर्धारण के लिए आखिरी बार 2020 में बदलाव किया था। 1 अप्रैल 2022 को सरकार ने 7.9 फीसदी का घटाकर 7.1 फीसदी का अजीब ब्याज दिया था। इसके बाद से इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। ध्यान देने वाली बात ये है कि मार्च 2023 में सेंटर गवर्नमेंट ने कई स्मॉल सेविंग वायस रेट ऑफ इंटरेस्ट में फंसाया था, लेकिन पीपीएफ का अकाउंट 7.1 प्रतिशत ही बना रहा है। मगर इस बार पीपीएफ खाताधारकों को उम्मीद है कि जून, 2023 के अंत तक सरकार व्याज में वृद्धि पर विचार कर सकती है।

पीपीएफ की प्लानिंग में लंबे समय से बदलाव क्यों नहीं-

वित्तीय एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार पीपीएफ की ब्याज योजना के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को बढ़ाने के लिए न बढ़ाने की योजना है, जिसमें कहा गया है कि इस योजना की ब्याज दर को बढ़ाने की वजह से टैक्स कि वापसी के बाद इस ब्याज की योजना के तहत निवेश की राशि पर कुल 10.32 प्रतिशत ब्याज दर का लाभ मिलता है। ऐसे में इस संयोजन पर बाकी योजनाओं के लिए पहले से ही ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। इस कारण सरकार ने अपनी छलांग लंबे समय तक नहीं लगाई है।

पीपीएफ में निवेश पर मिलता है टैक्स छूट का लाभ

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड फिक्स्ड फिक्स्ड टैक्स सेविंग समझौता है जिसमें निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स की स्ट्रीम 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है। इसके साथ ही इस राशि के तहत जाम राशि पर मिलने वाले व्याज पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा। पीपीएफ की मैच्योरिटी राशि पर आपको किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा। ध्यान देने वाली बात ये है कि इस स्कीम के तहत एक बार में 9.5 प्रतिशत तक का ब्‍याज दर मिलता है। इस जाम का इन सीक्ट्रम 15 साल का है। अगर आप ईपीएफओ और एनपीएस में निवेश नहीं करना चाहते हैं तो आप पीईपीएफ में निवेश करके अपने दस्तावेजों पर टैगड़ा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

इन सरकारी उपायों पर सरकार विस्तार व्याज दर

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 की आखिरी तिमाही में सीनियर सिटीजन सेविंग निर्धारण (वरिष्ठ नागरिक बचत योजना), सुकन्या समृद्धि योजना (सुकन्या समृद्धि योजना), किसान विकास पत्र (किसान विकास पत्र), पोस्ट ऑफिस एफडी घाटा (डाकघर सावधि जमा) ), मंथली आय आय (मासिक आय योजना) और पोस्ट ऑफिस अंक (डाकघर आवर्ती जमा) के लिए मोटापे की वजह थी।

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