Rampur News: मुरादाबाद से रामपुर जेल आएंगे संभल के 900 बंदी
रामपुर। मुरादाबाद जेल से संभल और अमरोहा के बंदियों को अलग-अलग जिलों में स्थानांतरित किया जाएगा। संभल के बंदी रामपुर जबकि अमरोहा के बंदी बिजनौर स्थानांरित किए जाएंगे। इसको लेकर कारागार विभाग ने अपने स्तर से आदेश जारी करते हुए दोनों जिलों के कारागार प्रशासन को बंदियों के रहने से लेकर उनके खाने पीने तक की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को कहा है। इस आदेश के बाद जेल की ओर से अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं।मंडल के अमरोहा और संभल में अपनी जेल नहीं है। यहां के बंदियों को मुरादाबाद जेल में रखा जाता है। मुरादाबाद की जेल पहले से ही बंदियों की संख्या अधिक थी। मुरादाबाद जेल पर संभल और अमरोहा के बंदियों का बोझ अतिरिक्त पड़ने से यहां की व्यवस्था चरमरा रही है, जिसकी रिपोर्ट मुरादाबाद जेल प्रशासन की ओर से पूर्व में भी भेजी जा चुकी है। इसके बाद कारागार विभाग की ओर से मुरादाबाद जेल में बंद संभल और अमरोहा के बंदियों को अन्य जिलों में स्थानांरित करने का फैसला लिया गया है।
विभाग की ओर से यह फैसला लिया गया है कि संभल के नौ सौ से ज्यादा बंदी रामपुर जिला कारागार में शिफ्ट किए जाएंगे, जबकि अमरोहा के छह सौ से ज्यादा बंदियों को बिजनौर की जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में कारागार प्रशासन की ओर से मंडल के तीनों जिलों के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है। शिफ्टिंग से पहले सभी कारागार विभाग के अफसरों को आदेश दिया गया है कि अपनी अपनी जेल में बंदियों के रहने के लिए बैरकों की मरम्मत के साथ ही शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा करा लें। बंदियों के रहने खाने से लेकर सभी व्यवस्थाएं रामपुर और बिजनौर की जेल को कराने को कहा गया है। इस आदेश के बाद जेल प्रशासन ने अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
-मुरादाबाद जेल से संभल के करीब नौ सौ बंदियों को रामपुर भेजा जाना है। इस आदेश के बाद जेल प्रशासन की ओर से अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। व्यवस्थाएं पूरी हो जाने के बाद शिफ्टिंग का काम भी शुरू हो जाएगा।
प्रशांत मौर्य, जेल अधीक्षक, रामपुर
क्षमता से दोगुनी पहले ही भरी है रामपुर जेल
रामपुर जेल में बंदियों के रखने की क्षमता महज 450 है, जबकि इस वक्त कुल बंदियों व कैदियों की संख्या 945 है। ऐसे में इतने ही और बंदी आने के बाद रामपुर जेल की हालत क्या होगी। इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। संभल के बंदियों के आने के बाद रामपुर जेल में बंदियों की संख्या 1800 से ज्यादा हो जाएगी। ऐसी स्थिति में जहां बंदियों की मुश्किलें बढ़ेंगी, वहीं जेल प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल जाएंगे।

