Rampur News: पुलिस मुठभेड़ में गोकशी का आरोपी ढेर, साथी घायल
रामपुर। कार से मुरादाबाद से रामपुर आ रहे दो गोतस्करों की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इसके बाद पुलिस से हुई मुठभेड़ में मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के कर्बला निवासी गोतस्कर साजिद (23) ढेर हो गया, जबकि उसका साथी बबलू (30) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार रात करीब 12 बजे पटवाई पुलिस को मुरादाबाद से आ रहे कुछ गो तस्करो की सूचना मिली। सूचना के बाद पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी। मुरादाबाद से शाहबाद की तरफ तेज गति से आ रही गोतस्करों की गाड़ी पुलिस की चेकिंग को देखकर वापस भागने लगी। पुलिस ने पीछा किया तो कार अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे गिर गई। घेराबंदी करने पर कार से उतरे दो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों गोतस्करों के पैर में गोली लगी। दोनों बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से साजिद पुत्र जाहिद की मृत्यु हो गई। वहीं मुरादाबाद के बिलारी थाने के थांवला गांव निवासी बबलू पुत्र जमील का उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पा से कार, दो तमंचे, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटा, गोकशी के उपकरण बरामद किए। घटना की जानकारी पाकर एसपी राजेश द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गए। एसपी ने घायल आरोपी से पूछताछ की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोतस्करों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने चेकिंग शुरू की थी। घेराबंदी करने पर बदमाशों ने पहले पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक गोतस्कर ढेर हो गया और दूसरे का उपचार चल रहा है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक।
साजिद पर दो और बबलू पर छह मुकदमे
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के कर्बला गांव निवासी साजिद पर गोकशी के मुकदमे मुरादाबाद के कुंदरकी थाने में दर्ज हैं, जबकि उसके घायल साथी बबलू के खिलाफ मुरादाबाद के बिलारी थाने, संभल के कुढ़ फतेहगढ़ और गुन्नौर थाने में छह मुकदमे दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि अन्य मुकदमों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दिवाली की रात गोकशी के बाद तस्करों की तलाश में थी पुलिस
दिवाली की रात पटवाई थाना क्षेत्र के डोहरिया गांव के जंगल में तीन गोवंशीय पशुओं की हत्या के बाद से गोतस्कर पुलिस के निशाने पर थे। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में मारा गया और घायल तस्कर भी इस घटना में शामिल था। दिवाली की रात गोकशी के बाद विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। उसके बाद अधिकारियों ने हलका इंचार्ज व सिपाही को हटा दिया था। तभी से पुलिस गो तस्करों की तलाश में जुट गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि इन्हीं आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था। मुखबिर की सूचना के आधार पर ही पुलिस ने गो तस्करों की तलाश में चेकिंग शुरू की थी और गोतस्कर हत्थे चढ़ गए।