Rampur News: भाकियू कार्यकर्ता की बिगड़ी हालत, उत्तराखंड के किसान भी समर्थन में उतरे
रामपुर। भाकियू टिकैत के धरने पर बैठे कार्यकर्ता की हालत बिगड़ गई। इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे एक्सईएन ने किसानों से वार्ता की। वहीं पालिका प्रशासन ने तुरंत धरना स्थल पर फागिंग भी कराई। इसके साथ ही उत्तराखंड और बिलासपुर के भी किसान धरने पर पहुंच गए। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी समर्थन का ऐलान कर दिया।
नहरों पर अवैध कब्जे, नहर और बाढ़ सुरक्षा में धांधली समेत कई मांगों लेकर सिंचाई विभाग के खिलाफ भाकियू के बेमियादी धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे भाकियू के जिला महासचिव सुभाष चंद्र शर्मा की हालत फिर बिगड़ गई। वह गश खाकर वहीं गिर गए। उनकी हालत देखकर किसान घबरा गए। सूचना के बाद अधिकारियों में भी खलबली मच गई। साथियों ने उन्हें तुरंत चिकित्सक को दिखाया। इतने में पालिका प्रशासन के कर्मचारी भी पहुंचे गए। उन्होंने धरना स्थल और आसपास फागिंग कराई। अधिशासी अभियंता सियाराम ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। इस दौरान एक्सईएन ने कुछ समय मांगा, पर किसान राजी नहीं हुए और उनको एक मांग पत्र और दिया। तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क भी उत्तराखंड और बिलासपुर के किसान को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि नहर विभाग में ऊपर से लेकर नीचे तक करोड़ों का घोटाला है। नहरों की सफाई से लेकर टेल तक पानी पहुंचाने का काम सिर्फ कागजों में हो रहा है। चेतावनी दी कि जब किसानों का मांगे पूरी नहीं होंगी तो आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। इस मौके पर प्रदेश महासचिव हसीब अहमद, सैदनगर ब्लाकाध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, चौधरी अजीत सिंह, हाफिज अय्यूब, छिद्दा नेता, मुस्तकीम, हाफिज अय्यूब, नल सिंह यादव, जसवंत सिंह, सुभाष चंद्र शर्मा, राहत खां, जुबैद आलम, रामऔतार, रामेश्वर लखविंदर सिंह, सलामत जान, नाजिम, मोहम्मद हसन शामिल रहे।