Rampur News: पराली प्रबंधन के लिए किसानों को बांटे जाएंगे बायो डी-कंपोजर
रामपुर। खेतों में धान की कटाई के वक्त पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग ने तैयारियां कर ली हैं। किसान खेतों में पराली न जलाएं, इसके लिए कृषि विभाग किसानों को 40 हजार बायो डी-कंपोजर बांटेगा। डी-कंपोजर से पराली को गलाकर खाद बनाई जाएगी। पिछले साल भी किसानों को डी-कंपोजर बांटे गए थे। जिसका उपयोग करते हुए किसानों ने पराली प्रबंधन में विभाग का काफी सहयोग किया।
खेतों में पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है जो सेहत के लिहाज से बेहद खतरनाक है। इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए किसानों से खेतों में पराली न जलाए जाने की अपील की जाती है। इसके बाद भी इन घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। पिछले साल जिले भर में 60 से अधिक स्थानों पर पराली जलाने से संबंधित घटनाएं प्रकाश में आई थीं और संबंधित किसानों से जुर्माना वसूल किया गया था। लिहाजा, कृषि विभाग ने पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किसानों को बायो डी-कंपोजर देने की योजना तैयार की है। उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि बायो डी-कंपोजर लिक्विड फॉर्म में होता है। इसके इस्तेमाल से दो सप्ताह में ही पराली गलकर खाद बन जाएगी। इसका फायदा यह भी है कि किसानों को सिंचाई में आधी बचत होगी। खेत में यूरिया का कम छिड़काव करना होगा।
पराली जलाने पर पड़ेगा जुर्माना
पराली जलाने पर कृषि भूमि का क्षेत्र दो एकड़ से कम होने पर 2500 रुपये, दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ से कम होने पर 5000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक होने की दशा में 15000 रुपये प्रतिघटना के हिसाब से अर्थदंड का प्रावधान है। खेतों में अवशेष जलाने की लगातार दो घटनाएं होने पर संबंधित किसान को सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान से वंचित किया जा सकता है।