रामपुर

Rampur News: सैन्य सम्मान के साथ बीएसएफ जवान का हुआ अंतिम संस्कार

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रामपुर। बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में 15 दिन के अवकाश पर घर आए ग्राम गोविंदपुरा निवासी बीएसएफ के जवान नानक सिंह (39) अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उनको रुद्रपुर के निजी अस्पताल में चिकित्सकों से उपचार कराया। बाद में बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया। शनिवार की सुबह उनका गांव में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख व बीएसएफ के जवानों समेत तमाम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोविंदपुरा निवासी किसान रघुवीर सिंह के अनुसार उनके सबसे छोटे पुत्र नानक सिंह 2002 में सीमा सुरक्षा बल की 162सी बटालियन में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। नानक सिंह वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तैनात थे। वह नौ अगस्त को 15 दिन का अवकाश लेकर अपने घर आए थे। 13 अगस्त को वह अपने भतीजे हर्षदीप सिंह पुत्र सुच्चा सिंह को कनाडा की फ्लाइट पर बैठाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट गए थे। परिजनों के अनुसार, 22 अगस्त को अचानक नानक सिंह को खांसी की शिकायत हुई। खांसी अधिक होने पर परिजन उन्हें रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने तमाम टेस्ट करने के उपरांत बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल भेज दिया।

फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत पर हल्द्वानी के चिकित्सकों ने उन्हें बरेली के अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें 23 अगस्त को बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां 24 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे उनका बरेली के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। इसके बाद बरेली में उनका पोस्टमार्टम कराया गया। शुक्रवार की देर रात उनका शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे गांव में उनका सैनिक सम्मान अंतिम संस्कार किया गया। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर डीसीबी के पूर्व उप चेयरमैन हरजिंदर सिंह, किसान सेवा सहकारी समिति के सभापति जसविंदर पाल सिंह चौहान, पूर्व प्रधान जवाहर सिंह आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बरेली बीएसएफ के एसआई ने दिया सम्मान

बीएसएफ बरेली से 94 बटालियन की 11 सदस्यीय टीम ने सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई थी। इस दौरान उनको तिरंगे में लपेटा गया। उनको सलामी देकर सम्मान दिया। नानक सिंह मिजोरम, असम, श्रीनगर, जम्मू, फिरोजपुर, उड़ीसा, मणिपुर आदि स्थानों पर तैनात रहे थे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तैनात थे।

भतीजे को कनाडा भेजने की खुशी में घर आए थे नानक सिंह

ग्राम गोविंदपुरा निवासी रघुवीर सिंह ने बताया कि उनके बड़े पुत्र सुच्चा सिंह का पुत्र हर्षदीप सिंह 13 अगस्त को कनाडा गया था। हर्षदीप सिंह ने अपने चाचा नानक सिंह को अपनी विदाई के लिए बुलाया था। अपने भतीजे को एयरपोर्ट तक छोड़ने के लिए वह दो सप्ताह की छुट्टी लेकर नौ अगस्त को घर आ गए थे। 13 अगस्त को भतीजा हर्षदीप सिंह को एयरपोर्ट तक विदा करने गए थे। 25 अगस्त को उन्हें वापस जाना था, लेकिन 24 अगस्त को ही उनकी मौत हो गई।


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