Rampur News: सहकारी समितियां होंगी समृद्ध, बनेंगे 12 हजार सदस्य
रामपुर। सहकार से समृद्धि की ओर योजना के तहत अब सरकार समितियों का दायरा भी बढ़ाएगी। इसके अब सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि आमजन और श्रमिक भी सदस्य बन सकेंगे। समिति के क्षेत्र में आना वाला व्यक्ति अब निर्धारित शुल्क जमा करके सदस्य बन सकता है। इसके लिए एक से 30 सितंबर तक समितियां सदस्यता अभियान चलाएंगी। अभियान के तहत जिले भर में 12 हजार नए सदस्य समितियों से जोड़े जाएंगे।
सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता डॉ. गणेश गुप्ता ने बताया कि सरकार आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के तहत समितियों को समृद्ध बना रही है। इसे लेकर समितियों को हाईटेक किया जा रहा है। भविष्य में ऋण वितरण, खाद और बीज वितरण काे लेकर दिक्कत न हो इसलिए बी-पैक्स अभियान के तहत हर समितियों पर सदस्य बनाए जा रहे हैं। एक से 30 सितंबर तक अभियान चलाकर हर समिति पर कम से कम 200 सदस्य जोड़े जाएंगे। जिले में 64 समितियां हैं। सभी सक्रिय हैं। एक समिति पर न्यूनतम 200 सदस्य बनाए जाने हैं। इस प्रकार 12800 सदस्य बनेंगे। उन्होंने बताया कि भविष्य में ज्यादातर किसानों की सुविधा समितियों के माध्यम से ही मिलेगी। इसलिए सभी सचिव अधिक से अधिक किसानों को समितियों से जोड़े। जिससे कि लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
सदस्य बनने के लिए व्यक्ति नजदीक की सहकारी समिति अथवा जिला सहकारी बैंक से संपर्क करें। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800212884444 डायल कर अपना नाम, जनपद दर्ज कराएं। इसके बाद संबंधित अधिकारी 24 घंटे के भीतर आगे की प्रक्रिया के लिए आपसे संपर्क करेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट पैक्समेंबर पर आवेदन कर सदस्यता शुल्क 221 रुपये जमा कर सदस्य बन सकते हैं।
जिले भर में सहकारिता की 38 समितियों पर लोगों को ऑनलाइन सुविधाएं मिल रही हैं। इन पर जनसेवा केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर समिति सचिव के माध्यम से लोगों के प्रमाण पत्र, ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं।
-जल्द मिलेंगी जेनेरिक दवाएं
समितियों पर सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए जिले भर में आठ समितियों का चयन हुआ है। यहां पर लोगों को जेनेरिक दवाएं कम दामों में उपलब्ध होंगी।
समितियों का सदस्य बनने के लिए एक से 30 सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा। जिले भर में 12 हजार से अधिक लोगों को समितियों से जोड़ा जाएगा। समितियों को समृद्ध बनाने की दिशा में काम हो रहे हैं।