Rampur News: पुलवामा में तैनात सीआरपीएफ के डीआईजी गवाही के लिए तलब
रामपुर। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में वर्तमान में पुलवामा में तैनात और तत्कालीन सीआरपीएफ के डीआईजी जितेंद्र कुमार मिश्रा को बचाव पक्ष के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने गवाही के लिए तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी।
10 अप्रैल 2010 को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के राम-रहीम सेतु के पास से एसटीएफ की टीम ने सीआरपीएफ के दो हवलदार जिनमें विनोद और विनेश को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करते हुए कारतूस कांड का खुनासा किया था। इस मामले में आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकदी और खोखा कारतूस बरामद हुआ था। गिरफ्तार किए गए पीएसी के रिटायर्ड दरोगा यशोदानंदन की डायरी के आधार पर मुरादाबाद पीटीसी के एक आर्मर नाती राम सैनी समेत बस्ती, गोंडा, बनारस समेत कई जिलों से पुलिस व पीएसी के आरमोरर को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। सभी आरोपी इस वक्त जमानत पर चल रहे हैं। ट्रायल के दौरान पीएसी के एक रिटायर्ड दरोगा की मौत हो चुकी है। इस मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है और आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान हवलदार विनोद और विनेश के अधिवक्ता ने गवाही के लिए रामपुर में तैनात रहे सीआरपीएफ के डीआईजी जितेंद्र कुमार मिश्रा को गवाही के लिए पेश करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीन जुलाई को उन्हें कोर्ट में तलब किया गया है। वर्तमान में उनकी तैनाती पुलवामा में है।

