Rampur News: शिक्षामित्र रहते हुए लड़ा था चुनाव, प्रधानी रद्द
रामपुर। शिक्षामित्र के पद पर रहते धनौरी ग्राम पंचायत की प्रधान चुनी गईं पूनम मौर्य की प्रधानी रद्द कर दी गई। उप जिलाधिकारी ने इस संबंध में दायर याचिका की सुनवाई करने के बाद यह आदेश जारी किया है। आदेश की प्रति सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचास्थानी को भेज दी गई है।
2021 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विकास खंड स्वार की धनौरी ग्राम पंचायत का प्रधान पद महिला हेतु आरक्षित हुआ था। प्रधान पद के लिए कुल 10 महिलाओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। पूनम मौर्य के नामांकन पर शोभा रानी ने एआरओ को आपत्ति दी थी कि पूनम मौर्य गांव के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं, इसलिए उनका नामांकन निरस्त किया जाए।
एआरओ ने आपत्ति को खारिज कर दिया था जिसके चलते 15 अप्रैल को प्रधान पद के लिए मतदान हुआ। तीन मई को मतगणना हुई जिसमें उन्होंने शोभा रानी को 56 मतों से हरा दिया। इसके चलते पूनम मौर्य को प्रधान निर्वाचित घोषित कर दिया गया था। शोभा रानी ने अपने अधिवक्ता रेहान सईद खां व पंकज जोशी के माध्यम से पूनम मौर्य के निर्वाचन को उप जिला अधिकारी के न्यायालय में चुनौती दी।
शोभा रानी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूनम रानी शिक्षामित्र रहते चुनाव नहीं लड़ सकती थीं, जबकि पूनम मौर्य के अधिवक्ता राजेंद्र नाथ गोस्वामी की ओर से कहा गया कि वह शिक्षामित्र पद से त्याग पत्र दे चुकी हैं। इसलिए याचिका निरस्त करने योग्य है। उप जिलाअधिकारी ने परीक्षण में पाया कि पूनम रानी ने त्याग पत्र के पक्ष में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया है। इसके चलते उन्होंने पूनम रानी का चुनाव शून्य घोषित करने (प्रधानी रद करने) का आदेश पारित कर दिया। आदेश की प्रति सहायक निर्वाचन अधिकारी तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक कार्य हेतु भेज दी है।