रामपुर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की पंचायत हुई। जिसमें धान खरीद का डाटा सार्वजनिक न किए जाने पर विरोध जताया गया। आशंका जताई कि इस बार भी किसान एमएसपी के लाभ से वंचित रह जाएंगे। किसानों ने डाटा सार्वजनिक कराने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने का फैसला लिया।
प्रदेश कैंप कार्यालय पर मंगलवार को पंचायत बुलाई। सैनदगर के पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष चौधरी राजपाल, मंडल महासचिव यामीन खां, मंडल सचिव जुबैद आलम ने कहा कि धान खरीद के लिए किसान पंजीकरण शुरू हो गए हैं। प्रदेश भर में अब 8766 किसानों के पंजीकरण किया जा चुके हैं। पंजीकरण में दूसरे किसानों की जमीन दर्शायी जा रही है। जबकि, वास्तविक किसानों को इसकी जानकारी नहीं है। क्योंकि इस बार खरीद का डाटा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आशंका जताई कि अगर डाटा सार्वजनिक नहीं कि या तो किसान एमएसपी के लाभ से वंचित रह जाएंगे। फर्जीवाड़ा कर एमएसपी का लाभ अधिकारी और बिचौलिए हड़प लेंगे। प्रदेश महासचिव हसीब अहमद ने कहा कि शीघ्र ही मंडल भर के किसान लखनऊ कूच करेंगे। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर खरीद का डाटा सार्वजनिक कराने की मांग की जाएगी। पदाधिकारियों को लखनऊ कूंच की अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई। पंचायत में सनी रावत, निरंजन लाल ,हीरालाल, भगत सिंह, राम सिंह, नरेश कुमार, अशोक सागर, डा. मेंहदी हसन, मुजाहिद ,राजा, तौहीद अहमद, सलामत जान, मुस्तकीम रामौतार, बलवीर सिंह भी मौजूद रहे।
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