Rampur News: स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े दुरुस्त, निजी पैथोलॉजी पर मिल रहे सैकड़ों डेंगू-मलेरिया मरीज
रामपुर। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में शिविर लगाकर बुखार के पीड़ितों की जांच की जा रही है। बीते 15 दिनों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1500 से अधिक बुखार के रोगियों की जांच की जा चुकी है। इनमें दो को डेंगू और तीन में मलेरिया की पुष्टि हुई है। वहीं निजी पैथोलॉजी लैब पर हर चौथे मरीज की जांच रिपोर्ट में डेंगू व मलेरिया की पुष्टि हो रही है।
जिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी पर प्रतिदिन 500 से अधिक बुखार पीड़ित इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा निजी नर्सिंग होम व क्लीनिकों पर बुखार के पीड़ितों की भरमार है। आंकड़ों के अनुसार हर रोज जिले भर की निजी पैथोलॉजी लैब में बुखार पीड़ितों की जांच में औसतम 100 लोगों को डेंगू अथवा मलेरिया निकल रहा है, लेकिन सरकारी महकमे में इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग उन्हीं जांच रिपोर्ट को ठीक मान रहा जो सरकारी अस्पताल की लैब में कराई गई हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 90 से 100 मरीजों की जांच होती है। स्वास्थ्य विभाग बीते 15 दिनों में 1522 बुखार के रोगियों की जांच कर चुका है। इनमें से केवल दो को डेंगू और तीन में मलेरिया की पुष्टि हुई है। दूसरी ओर निजी लैबों पर करीब 100 डेंगू अथवा मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ाें के अनुसार अभी तक जिले में डेंगू के कुल छह व मलेरिया के आठ मामले ही मिले हैं।
इंसेट
डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो निजी लैबों पर रैपिड टेस्ट किट से डेंगू की जांच की जाती है, जोकि प्रभावी नहीं मानी गई है। डेंगू की पुष्टि के लिए विभाग एलाइजा जांच पर जोर देता है। इसकी सुविधा केवल जिला अस्पताल में है। विभाग संदिग्ध मरीजों की एलाइजा जांच कराता है।
बयान
हर रोज गांवों में टीमों को भेजकर बुखार के रोगियों की जांच कराई जा रही है। अभी तक जिले में डेंगू के छह व मलेरिया के आठ मामले आए हैं। मरीज सरकारी अस्पतालों में जांच कराने के बाद इलाज कराएं।