Rampur News: एलाइजा की जांच के लिए लगानी पड़ रही मीलों की दौड़
रामपुर। जिले में सीएचसी-पीएचसी पर डेंगू की जांच सिर्फ रैपिड टेस्ट किट से जांच की जाती है। डेंगू के लिए प्रभावी माना जाने वाला एलाइजा टेस्ट केवल जिला अस्पताल में किया जाता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को डेंगू की एलाइजा जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ रही है।
वर्ष 2021 में जिला अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में डेंगू की एलाइजा जांच शुरू हुई थी। इससे पहले यहां पर रैपिड टेस्ट किट से मरीजों की डेंगू की जांच की जाती थी। इस वक्त जिला अस्पताल के अलावा किसी सरकारी अस्पताल या लैब में एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। जिले में सभी सीएचसी और पीएचसी पर रैपिड टेस्ट किट से ही डेंगू की जांच की जा रही है। इसमें रिपोर्ट रिएक्टिव आने पर मरीज को डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा टेस्ट कराने जिला अस्पताल भेजा जाता है।
ऐसे में दूरदराज के गांवों के लोगों को लंबी दौड़ लगाने पड़ती है। तब यहां पर एलाइजा जांच संभव हो पाती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एचके मित्रा ने बताया कि डेंगू की एलाइजा जांच में संक्रमण का सटीक पता चलता है, इसलिए इस जांच को प्रभावी माना गया है। पहले जिला अस्पताल में मरीज का सैंपल लेकर मुरादाबाद जांच को भेजा जाता था, लेकिन अब अस्पताल में ही एलाइजा जांच की सुविधा है। इस वर्ष में अब तक कोई भी मरीज डेंगू पीड़ित नहीं मिला है।
सीएचसी-पीएचसी पर आरक्षित किए बेड
डेंगू के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित हैं। सीएचसी पर चार और पीएचसी पर दो बेड आरक्षित किए गए हैं। सभी बेडों पर मच्छरदानी लगाई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के पास किटें
रैपिड टेस्ट किट-3155
मलेरिया किट-5921
डेंगू से बचाव के लिए पूरी तैयारियां हैं। टीमों को गांव-गांव भेजकर बीमार लोगों की सैंपलिंग कराई जा रही है। जिला अस्पताल, सभी सीएचसी-पीएचसी पर व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।
-डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ रामपुर।

