Rampur News: शिक्षकों की सीख ने जीवन को दी नई दिशा
रामपुर। जीवन में गुरु का बहुत बड़ा योगदान होता है। चाहे आध्यात्म का क्षेत्र हो या फिर शिक्षा का। गुरु की कृपा से कोई भी व्यक्ति बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले के कुछ शिक्षकों और अन्य व्यक्तियों ने हमसे अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे शिक्षकों की सीख ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और उनकी बताई राह पर चलने से सफलता हासिल की। ::::::::::::::::::
गुरु ने दी थी विज्ञान वर्ग चुनने की सलाह
स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद मैं अपने गांव से रामपुर आ गया था। यहां कक्षा नौ में दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू की। मुझे विज्ञान व कला वर्ग में अंतर नहीं पता था। मेरे शिक्षक प्रदीप कुमार ने मुझे विज्ञान वर्ग चुनने की सलाह दी। जिसके बाद विज्ञान वर्ग में दाखिला लेकर मैंने अच्छे अंकों से 12वीं की। इसके बाद रजा इंटर कॉलेज से एमएससी करने वाला मैं अपने गांव का पहला छात्र बना। आज मैं बेसिक स्कूल में का सहायक अध्यापक हूं। मेरी इस सफलता के पीछे शिक्षक प्रदीप कुमार का हाथ है।
– राजेंद्र सिंह, सरकारी शिक्षक, निवासी नयागांव तहसील टांडा
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… और गुरु ही बन गईं मां
कक्षा 10वीं पास करने के बाद मेरा नवोदय विद्यालय रुद्रपुर में पनिशमेंट ट्रांसफर हो गया था। वहां पर कोई मुझसे बोलना नहीं चाह रहा था। ऐसे में मेरी पढ़ाई काफी प्रभावित हो गई थी। तब विद्यालय की हिंदी की शिक्षिका सरोजिनी देवी सक्सेना ने मेरी परेशानियों को समझा और उन्होंने एक मां की तरह मुझको समझाकर पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करवाया। जिसके बाद उस बुरे दौर से उबरकर मैंने अच्छे ढंग से पढ़ाई कर 12वीं में अच्छे अंक प्राप्त किए। मेरी आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर उन्होंने मुझे रामपुर में अपने पास बुला लिया। उनके साथ रहकर ही मैंने आगे की पढ़ाई पूरी की और बेसिक स्कूल में सरकारी शिक्षक बन गया। मैं शिक्षिका सरोजिनी देवी को अपनी मां मानता हूं।
– राकेश विश्वकर्मा, सहायक अध्यापक, बेसिक शिक्षा विभाग रामपुर।
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कृषि बन गया मेरा प्रिय विषय
12वीं में कृषि विषय चुनने के बाद बाद मेरे शिक्षक ने काफी मदद की। सौरभ सिंह सर के अथक प्रयास से मैंने 12वीं में कृषि वर्ग से जिला टॉप किया। कृषि मेरा प्रिय विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने मुझे मेधावी छात्र सम्मान से पुरस्कृत भी किया था। अब मैं धामपुर के कॉलेज में बीएससी कृषि की पढ़ाई कर रहा हूं। यहां पर मृदा विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रवि धनखड़ की मदद से मुझे जीवन में सकारात्मक रहने की सीख मिली।- आशीष कुमार, छात्र, मिलक रामपुर।
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ईमानदारी और अनुशासन का पाठ पढ़ाया
शिक्षक दिवस के मौके पर मैं बिहारी लाल इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक खुशहाली राम का आभार व्यक्त करता हूं। जिन्होंने मुझे ईमानदारी, सहानुभूति एवं अनुशासन का पाठ सिखाया। मुझे पाठ्य-पुस्तकों की सीमा से आगे बढ़कर ज्ञान खोजने एवं जिज्ञासु होने के लिए प्रेरित किया है, इसके अतिरिक्त मेरे अंदर समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा की। मुझे समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किय।
– अतहर तौफीक, एलएलबी छात्र, निवासी नगलिया आकिल।
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शिक्षिका ने सिखाया सकारात्मक रहना
मेरी शिक्षिका तृप्ति माहौर ने मुझे जीवन में सकारात्मक रहने की बात सिखाई। शुरुआत में मैं कॉलेज में किसी के सामने बोलने से हिचकिचाती थी। मैडम के प्रयास से अब मैं कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेती हूं और खुलकर अपने विचार लोगों के सामने रखती हूं।
– मेघा ठाकुर, छात्रा, पुराना गंज रामपुर।