Rampur News: जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी गुहार, ग्रामीणों ने खुद बनाया रास्ता
स्वार। विकास खंड स्वार का अहमदनगर निकट पदमपुर गांव जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। आजादी के 75 साल बीतने के बाद भी गांव के बीच से कुंवरपुर नानकार और श्मशान घाट जाने वाला रास्ता कच्चा और गड्ढायुक्त ही है। आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने रास्ते के निर्माण के लिए रूचि नहीं दिखाई। इस बरसात जब रास्ता बेहद खराब हो गया तब ग्रामीण हाथों में कुदाले, फावड़ा और पल्ले लेकर खुद ही निकल पड़े। देखते ही देखते ग्रामीणों ने कारसेवा कर स्वयं की रास्ता बना दिया। विकास खंडा स्वार के अंतर्गत पड़ने वाली पदपुर ग्राम पंचायत के उपगांव अहमदनगर में लगभग 400 लोगों की आबादी है। यहां पूरी तरह से कंबोज लोग रहते हैं, जो भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद यहां बसाए गए थे। यहां के रास्ते आज भी वैसे ही हैं जैसे दशकों पहले यहां आकर बसने के दौरान थे। बरसात में गांव से पदमपुर तक और श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता जब आवागमन के योग्य नहीं रहा और ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत या फिर गन्ना विकास परिषद से भी गुहार लगाने के बाद नहीं बना तक मजबूर होकर यहां के बाशिंदों ने अपनी मदद आप करते हुए कारसेवा शुरु की। गांव से 1 किलोमीटर की दूरी पर श्मशान घाट है उसको भी यही रास्ता लगता है सभी किसानों के खेत के रास्ते भी उसी रास्ते से जाते हैं जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार की सुबह पूरे गांव के ग्रामीण इकट्ठा हुए ट्रैक्टर और फावड़ा लेकर कारसेवा करा कारसेवा करने वालों में हीरालाल, मंगतराम कंबोज, मुंशीराम, लालचंद, किशन लाल, रामकिशन, पवन कुमार, सतनाम चंद, देशराज, टिंकू कुमार और अमन कंबोज आदि लोग उपस्थित रहे।
फोटो..5 मंगतराम
आजादी के बाद से गांव की किसी भी निर्वाचित जन प्रतिनिधि ने सुध नहीं ली है। बरसात में जब गांव का रास्ता आगागमन के लिए पूरी तरह से बंद हो गया तब हम ग्रामीणों ने कारसेवा से रास्ता सुधार का बीड़ा उठाया और दिनभर कार्य करते हुए रास्ता दुरुस्त कर लिया गया।
मंगतराम ग्रामीण
फोटो..6 देशराज
रास्ता खराब होने से अपने खेतों तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही थी। इसके अलावा किसी की मृत्यु अगर बरसात के दौरान हो गई तो श्मशान तक पहुंचने में भारी दिक्कत रहती थी। ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक रास्ता निर्माण कराने की मांग की गई लेकिन किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आज ग्रामीणों ने कारसेवा से रास्ता दुरुस्त कर लिया।
देशराज ग्रामीण
फोटो..7 रामकिशन कंबोज
साठ के दशक में नया दौर फिल्म बनी थी जिसमें ग्रामीणों ने अपने गांव की सड़क कारसेवा से बना कर तैयार की थी। इसी तरह शुक्रवार को अहमद नगर के ग्रामीण एकत्र हुए और अपने हाथों से मेहनत कर गांव का रास्ता आवागमन योग्य कर लिया।
रामकिशन ग्रामीण
फोटो..8 सचिन कंबोज
रास्ता खराब होने से जहां किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में दुश्वारी हो रही थी वहीं बरसात के मौसम में बच्चों को स्कूल और दवा लेने के लिए रोगियों को चिकित्सक के या फिर अस्पताल तक पहुंचने में दुश्वारी हो रही थी। ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत ने गांव के रास्ते की सुधन नहीं ली तब आखिरकार कर खुद ही रास्ता आवागमन के लिए तैयार कर डाला।
संचिन कंबोज ग्रामीण

