Rampur News: मूकबाधिर किशोरी से दुष्कर्म में तीन दोषियों को 20 साल की सजा, डेढ़ लाख जुर्माना
रामपुर। मूकबाधिर से दुष्कर्म करने के तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषी मानते हुए 20 वर्ष का कारावास का कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में एक बाल अपचारी है।
मामला मिलक कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक महिला ने 25 मई 2019 को कोतवाली मिलक में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गोबर उठाने के लिए गई उसकी 17 वर्षीय की मूकबाधिर बेटी के साथ आरोपी अमन, अजय अौर एक बाल अपचारी ने दुष्कर्म किया। साथ ही दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई बृहस्पतिवार को विशेष न्यायधीश मोहम्मद रफी की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने वादी मुकदमा सहित कई गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। लिहाजा, आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अमन, अजय और एक बाल अपचारी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष का कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दी जाए।
विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश कोर्ट ने फैसला सुनाते समय विद्वान न्यायधीश ने विवेचक की विवेचना की खामियों पर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने वायरल वीडियो, जो पत्रावली पर दाखिल किया गया है, उसकी फॉरेंसिक जांच न कराकर अभियोजन के कथानक को विपरीत रूप से प्रभावित किया है। विवेचक ने आरोपियों से बरामद मोबाइलों की प्रयोगशाला में जांच नहीं कराई। विवेचक का यह कृत्य घोर लापरवाही दर्शाता है। जिसके लिए उसके उच्चाधिकारियों को उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करनी चाहिए।