Rampur News: कारतूस कांड में आज आ सकता है फैसला
रामपुर। प्रदेश के चर्चित कारतूस कांड में कोर्ट बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुना सकती है। 13 साल पुराने इस मामले में सीआरपीएफ के दो हवलदारों समेत 24 लोग आरोपी हैं। हालांकि, पुलिस ने 25 को आरोपी बनाया था, लेकिन ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी पीएसी के रिटायर्ड दरोगा यशोदानंदन की मौत हो चुकी है।
26 अप्रैल 2010 को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ज्वालानगर में रेलवे क्राॅसिंग के पास से एसटीएफ की टीम ने सीआरपीएफ के दो हवलदार विनोद और विनेश पासवान को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए थे। साथ ही आरोपियों से इंसास रायफल और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। इसके बाद दोनों की निशानदेही पर इलाहाबाद पीएसी से रिटायर्ड एक दरोगा यशोदानंदन, मुरादाबाद पीटीसी के एक आर्मोरर नाथीराम सैनी समेत बस्ती, गोंडा, बनारस समेत कई जिलों से पुलिस व पीएसी के आर्मोरर को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश के बाद इस प्रकरण की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। तब से इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट की कोर्ट में चल रही है। चार अक्तूबर को बहस पूरी हो गई थी। अब इस मामले में कोर्ट बृहस्पतिवार को फैसला सुना सकती है।
24 वर्दीधारियों के भाग्य का होगा फैसला
कारतूस कांड में मुख्य आरोपी बनाए गए पीएसी के रिटायर्ड दरोगा यशोदानंदन की मृत्यु हो चुकी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रयागराज निवासी यशोदानंदन को पुलिस ने जेल भी भेजा था। बाद में जमानत मिली। जिसके बाद ट्रायल के दौरान यशोदानंदन की मौत हो गई। कोर्ट में उसके खिलाफ चल रही कार्रवाई की फाइल को बंद कर दिया। अब इस मामले में कोर्ट 24 वर्दीधारियों पर अपना फैसला सुनाएगी।