Rampur News: नदियों का जलस्तर घटा पर बाढ़ चौकियां अलर्ट
रामपुर। जिले में 24 घंटे में कोसी, पीलाखार, रामगंगा नदी के जलस्तर में गिरावट आई है। इससे नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों सटे गांवों के लोग फिलहाल राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। सभी 34 बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखा गया है। पहाड़ों पर बारिश और रामनगर बैराज से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कोसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। इससे कोसी का पानी सदर क्षेत्र के बीसरा गांव तक पहुंच गया था, जिससे यहां के लोगों की धड़कनें तेज हो गई थीं। खेतों में पानी भरने से भी लोग परेशान दिखे। हालांकि, 24 घंटे में कोसी समेत अन्य नदियों के जलस्तर में कमी आई है। बीसरा गांव से भी पानी उतर गया है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सियाराम ने बताया कि अब पानी सामान्य है। बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। हालांकि, विभाग पूरी तरह नजर रखे हुए है। पटवाई क्षेत्र के ग्राम मदारपुर गांव के करीब होकर गुजर रही रामगंगा और कोसी नदी में का जलस्तर घट रहा है। प्रशासन ने पहले से ही बल्लियां और पत्थर डालकर इंतजाम कर रखा है।
बिलासपुर श्रेत्र के भोट, केमरी में पीलाखार, भाखड़ा, बैगुल, डकरा, सैंजनी आदि नदियों का जलस्तर भी अब कम हो रहा है। इसी तरह शाहबाद क्षेत्र में भी कोसी व रामगंगा का जल स्तर कम हुआ है। स्वार क्षेत्र में बह रही घूघा नदी का जलस्तर में कमी आई है। दो दिन पहले घूघा नदी का जलस्तर बढ़ने से मझरा हसन में पुल पर पानी बहने लगा था। इसके चलते एक युवक नदी में बह गया था, जिसकी मौत हो गई थी। अब जलस्तर घटने से पुल पर आवागमन भी बहाल हो गया है। गांव निवासी रियाज अहमद ने बताया कि अचानक ही जलस्तर बढ़ जाता है, फिलहाल स्थिति सामान्य है। गांव के लोग पुल से गुजर रहे हैं। उधर, मिलकखानम क्षेत्र में बहने वाली पीलाखार नदी का जलस्तर भी घटा है।
किसान बोले, बर्बाद हुई फसलों का मिले मुआवजा
बिलासपुर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि नदियों का जलस्तर कम होने के बाद अब खेतों में बर्बाद फसलें दिखाई दे रही हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें पूरी तरह से चौपट हो गईं। किसानों का कहना है कि प्रशासन को सर्वे कराकर मुुआवजा देना चाहिए। तमाम किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन सब चौपट हो गया।
जिले में अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। नदियों का जलस्तर सामान्य स्थिति में है। विभाग की पूरी नजर है। बाढ़ चौकियों को सतर्क किया गया है। – सियाराम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।