Bareilly News: रीजन की 100 बसें होंगी हाईटेक, ऑनलाइन सेवाओं का बढ़ेगा दायरा
बरेली। नये साल में यात्रियों को ट्रेनों की तर्ज पर रोडवेज बसों की भी सही जानकारी मिल सकेगी। बरेली रीजन की 100 से ज्यादा बसों को इसके लिए चिह्नित किया गया है। पहले चरण में राजधानी, शताब्दी और जनरथ सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। बसों के आने-जाने के समय के साथ यह भी पता चल सकेगा कि वे कहां हैं और कितनी देरी से चल रही हैं। इसके लिए बसों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी जा रही है।
परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) की तर्ज पर मोबाइल एप भी बनाएगा। इसके जरिये यात्री बसों की लोकेशन जान सकेंगे। बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जाएंगी। रीजन स्तर पर कंट्रोल और मुख्यालय स्तर पर कमांड सेंटरों के जरिये बसों की ट्रैकिंग होगी। बसों में पैनिक बटन भी लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को आपातकालीन मदद मुहैया कराई जा सकेगी। परिवहन निगम यह काम निर्भया योजना के तहत कराएगा। इसके लिए जापान की कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।
बस अड्डों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। सेटेलाइट बस अड्डे पर रोजाना यूपी के 80 से ज्यादा डिपो के साथ उत्तराखंड, राजस्थान और हरियाणा राज्यों की भी बसें आती हैं। यहां एलईडी डिस्प्ले पैनल और अनाउंसमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। यात्रियों को आने-जाने वाली बसों की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर भी मिल सकेगी। जिन बसों के स्क्रैप होने में एक वर्ष का समय बाकी है, उनको फिलहाल आधुनिकीकरण में शामिल नहीं किया गया है।
सीट बुकिंग सुविधा लगभग फेल
रोडवेज बसों में सीट बुकिंग सेवा लगभग फेल है। सामान्य और राजधानी श्रेणी की बसों में सीट बुकिंग लगभग शून्य है। एसी श्रेणी की बसों में सीट बुकिंग होती है, लेकिन ऐन मौके पर बसें निरस्त कर दी जाती हैं। कई बार बसें रास्ते में खराब हो जाती हैं। ऐसे में ऑनलाइन सीट बुक कराने वाले यात्रियों को रिफंड मिलने में कई महीने लग जाते हैं। अप्रैल में बस निरस्त होने या अन्य कारणों से टिकट निरस्त कराने वाले 80 लोगों को अब तक रिफंड नहीं किया गया है।
वर्जन
परिवहन निगम भी रेलवे की तर्ज पर इंक्वायरी सिस्टम तैयार कर रहा है। इसके लिए काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि नए साल में यात्रियों को रोडवेज बसों की सही जानकारी मोबाइल एप पर मिलने लगेगी। – श्याम बाबू, जीएम टेक्निकल, परिवहन निगम



