रीवैंप योजना : बिजली चोर रहें खबरदार… नेटवर्क भी बनेगा दमदार

लाल इमली चौराहे से रोडवेज रेलवे फाटक के बीच जमीन तक झूलते तार।संवाद
शाहजहांपुर। जिले के बिजली नेटवर्क को दमदार बनाने के लिए विद्युत निगम की रीवैंप योजना के तहत पहले चरण में लाइन लॉस कम किया जाएगा। 33 और 11 केवी की जर्जर लाइनों का नवीनीकरण, जर्जर के स्थान पर नए पोल लगवाने की तैयारी है। शहरी व ग्रामीण इलाकों में बंच लाइन डालकर बिजली चोरी पर रोक लगाई जाएगी।
दूसरे चरण में बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नौ उपकेंद्र बनाने के साथ प्री-पेड मीटर लगाने की तैयारी है। कार्यों को गति देने के लिए जिले के विद्युत उपकेंद्रों के 244 फीडरों में 98 पर सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जिले के लड़खड़ा रहे बिजली नेटवर्क को पटरी पर लाने की कवायद को शुरू कर दी गई है। विद्युत उपकेंद्रों पर लाइन लॉस का सबसे अधिक सिरदर्द रहता है। जर्जर तार, बिजली के पोल टूटने व कटिया डालकर बिजली चोरी होने से निगम को काफी नुकसान सहन करना पड़ता है।
लाइन लॉस को खत्म करने के लिए विभिन्न क्षमता के 1639 नए ट्रांसफार्मर लगाने व जर्जर हो चुकी 5426 किमी हाईटेंशन व लो-टेंशन लाइनों को बदला जाएगा। इसके तहत जर्जर पोलों को हटाकर करीब नौ हजार नए खंभे लगाए जाएंगे। खुले तारों के स्थानों पर बंच लाइन डालकर बिजली चोरी को रोकने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पहले चरण में होने वाले कार्यों को कराने के लिए 98 फीडरों पर सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
शहरी क्षेत्र में 500 पोल जर्जर, 100 किमी एलटी लाइन पड़ेगी
-नगरीय क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की राह में लोकल फाल्ट बाधक बन रहे हैं। इन्हें रीवैंप योजना से दूर किया जाएगा। शहर में करीब 500 बिजली के पोल लगाए जाएंगे। 100 किमी एलटी की लाइन व 100 किमी बंच लाइन को डालकर व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
दूसरे चरण में नौ नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे
योजना के तहत दूसरे चरण में बिजली नेटवर्क को मजबूत कर ग्रामीण स्तर तक बेहतर आपूर्ति को देने का प्लान तैयार किया। इसके तहत नौ नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जाएंगे। विद्युत वितरण खंड द्वितीय में जमौर औद्योगिक क्षेत्र व बरतारा के पास उपकेंद्र बनना है। इसी तरह गढि़यारंगीन में एक, जलालाबाद तहसील में परौर, सुजावलपुर, खजुरी व एक अन्य गांव में उपकेंद्र बनेगा। पुवायां में मुड़िया कुर्मियात व देवकली में उपकेंद्र बनना तय है। सभी उपकेंद्र पर पांच से दस एमवीए का ट्रांसफार्मर रखकर आपूर्ति दी जाएगी। इसी तरह उपभोक्ताओं के लिए प्री-पेड मीटर भी दूसरे चरण में लगाए जाएंगे।
योजना के तहत 98 फीडरों पर सर्वे कार्य हुआ
योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए जिले के विद्युत उपकेंद्रों के 244 फीडरों में 98 पर सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सर्वे का कार्य मैसर्स ज्यूकाक्स लिमिटेड लखनऊ कर रही है। रिवैंप योजना के तहत पहले चरण में लाइन लॉस खत्म करने के लिए 187 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। 324 करोड़ रुपये से प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। वहीं नौ उपकेंद्रों के लिए अभी एस्टीमेट तैयार नहीं हो सका है।
ये भी होने हैं काम
22 उपकेंद्रों पर क्षमतावृद्घि कराई जाएगी।
21 ट्रांसफार्मर पुराने उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लगेंगे।
1639 नए ट्रांसफार्मर विभिन्न क्षमता के लगाए जाने हैं।
1880.2 किमी हाईटेंशन लाइनों की मरम्मत होगी।
3546.36 किमी लो-टेंशन लाइन की मरम्मत होगी।
-रिवैंप योजना में दो चरणों में काम पूर्ण कराया जाना है। सर्वे कार्य चल रहा है। पहले चरण में लाइन लॉस को खत्म करने व दूसरे में बिजली नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।- राजकुमार, नोडल अधिकारी रिवैंप व एक्सईएन पुवायां।

